
खंडवा। प्रदेश को नशामुक्त करने के संकल्प के तहत खंडवा पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशन में मुस्तैद कोतवाली पुलिस की टीम ने बुरहानपुर-खंडवा ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सहित चार आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। यह पूरा गिरोह बुरहानपुर से खंडवा तक एक सुनियोजित चेन बनाकर प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी कर रहा था।
मुखबिर की सूचना पर पहली दबिश: खंडवा से दो दबोचे-
कार्रवाई की शुरुआत मुखबिर से मिली एक सटीक सूचना के बाद हुई। कोतवाली पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर बमनगांव रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास से खंडवा निवासी दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद रईस (निवासी हातमपुरा) और शेख साहिल (निवासी नई छीपा कॉलोनी) के रूप में हुई। शुरुआती तलाशी में इनके पास से बिना नंबर की स्कूटी, दो स्मार्टफोन, नकदी और अल्प्राजोलम (Alprazolam) टैबलेट की 100 गोलियां बरामद की गईं, जिन्हें ये शहर के युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।
पूछताछ में खुला बुरहानपुर कनेक्शन: 1500 टैबलेट और जब्त-
जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो इस काले कारोबार की कड़ियां सीधे पड़ोसी जिले बुरहानपुर से जुड़ गईं। आरोपियों की निशानदेही पर कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने बुरहानपुर में तगड़ी दबिश दी। वहां पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों को घेरकर उनके कब्जे से भारी मात्रा में **1500 अल्पाजोलम टैबलेट** की एक और बड़ी खेप बरामद की। बुरहानपुर से मुख्य सप्लायर फारिस को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका साथी और दूसरा मुख्य सप्लायर सुभाष महाजन पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।सवा लाख से अधिक की कुल जब्ती-
इस पूरी संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने अब तक कुल 1600 प्रतिबंधित नशीली गोलियां** जब्त की हैं। बरामद की गई इन नशीली दवाओं की सरकारी और बाजार कीमत लगभग 48,000 से 52,000 रुपये के बीच आंकी जा रही है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल और नकदी को मिलाकर कुल जब्ती लगभग सवा लाख रुपये की बताई जा रही है। कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने मौके पर ही जब्ती की पूरी वीडियोग्राफी कराई और दवाओं को सील कर दिया।
पुराना अपराधी है मुख्य डिलीवरी बॉय-
जांच में यह भी सामने आया है कि खंडवा का मोहम्मद रईस इस पूरे ड्रग नेटवर्क में मुख्य रूप से ‘डिलिबरी बॉय’ के रूप में काम कर रहा था। वह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उस पर पूर्व में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान उसने खंडवा शहर के कई इलाकों और लोगों को यह नशीली गोलियां सप्लाई करने की बात कबूल की है।एडिशनल एसपी, सीएसपी और कोतवाली थाना प्रभारी की इस संयुक्त और त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगा रही है कि शहर के किन-किन मोहल्लों और युवाओं तक यह नशा पहुंच रहा था। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खरीदारों और नशेड़ियों को भी जल्द ही बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
