पाकिस्तान में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। दादू में तापमान 51.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कराची में उच्च तापमान के कारण कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू की भयंकर लहर जारी है। गर्मी ने लोगों का हाल पूरी तरह से बेहाल कर रखा है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दादू शहर में शनिवार को 51.5 डिग्री सेल्सियस का नया रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया। कराची प्रशासन ने बच्चों और बुजुर्गों को धूप में बाहर नहीं निकलने की सख्त सलाह दे दी है।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार दादू में इससे पहले सबसे अधिक तापमान 2016 में दर्ज किया गया था। उस समय 18 मई 2016 को यहां का अधिकतम तापमान 51.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस बार गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लोगों का घर से निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी की वजह से कई शहरों में हालात बहुत ही ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं।
सिंध प्रांत के शहरों का हाल
मौसम विज्ञानी सरफराज खान के अनुसार शनिवार दोपहर तक जैकबाबाद में भी 51 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा तीन अन्य स्थानों नवाबशाह, लरकाना और मोहनजोदड़ो में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। साल 2024 में मोहनजोदड़ो के खंडहरों में तापमान 53 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
महीने की शुरुआत में 4 मई को कराची में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। अधिकारियों ने बताया कि कराची के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। माना जा रहा है कि ये सभी मौतें महीने की शुरुआत में उच्च तापमान के कारण ही हुई हैं।
मौसम विभाग ने रविवार को भी सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में गर्म और शुष्क मौसम का पूर्वानुमान लगाया है। लोगों को और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सीधी धूप में बिल्कुल बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में थारपारकर और हैदराबाद जैसे कई जिलों में भी तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
जलवायु परिवर्तन का असर
बलूचिस्तान प्रांत के सिबी और तुरबत जैसे क्षेत्रों में भी असामान्य रूप से बहुत अधिक तापमान लगातार दर्ज किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार पाकिस्तान पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील देशों में मुख्य रूप से शुमार है। यही सबसे बड़ा कारण है कि हाल के कुछ वर्षों में इस देश को भीषण गर्मी, विनाशकारी बाढ़ और गंभीर सूखे का सामना करना पड़ा है।
