प्रदेश के दूसरों जिले तक पहुंची सिंहस्थ की तैयारियां

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियां अब केवल उज्जैन तक सीमित नहीं हैं। इंदौर, देवास, रतलाम, धार, शाजापुर, खंडवा, मंदसौर और खरगोन सहित आसपास के जिलों को भी इस महायोजना से जोड़ा जा रहा है. विभिन्न मार्गों पर होल्डिंग एरिया और सैटेलाइट पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे उज्जैन पहुंचने वाले वाहनों का सुव्यवस्थित संचालन किया जा सके. शनिवार को एसीएस राजेश राजोरा उज्जैन पहुंचे और सिंहस्थ की तैयारी का जायजा लिया.

उज्जैन जिले के बाहर दूसरे जिलों में सिंहस्थ के जो कार्य होने लगे हैं, उनके लिए राशि भी सरकार द्वारा जारी कर दी गई है।इधर उज्जैन शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क, मल्टीलेवल पार्किंग, नए पुल, विस्तारित मार्ग और विशाल पार्किंग अब श्रद्धालुओं को लुभाने लगा है, आने वाले वर्षों में धर्म नगरी सुविधा और आधुनिक व्यवस्थाओं के मामले में नई पहचान स्थापित करेगी.

स्थाई अधोसंरचना
शनिवार को शहर और मेला क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन करते हुए एसीएस राजेश राजोरा ने पाया की सिंहस्थ की तैयारियां केवल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थायी अधोसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ऐसे में स्थानीय अफसरो की उन्होंने पीठ भी थपथपाई.

रीगल टॉकीज पहुंचे अफसर
मंदिर क्षेत्र में पुराने रीगल टॉकीज परिसर पर बन रही मल्टीलेवल पार्किंग क्षेत्र में एसीएस राजेश राजौरा, सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ,नगर निगम अभिलाष मिश्रा पहुंचे. ये पार्किंग व्यस्त धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इसके साथ ही निजातपुरा से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण का कार्य भी शहर की बदलती तस्वीर का हिस्सा बन रहा है.

सिकंदरी और गंगेड़ी
सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए शहर के बाहर बड़े स्तर पर पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं. सिंकदरी और गंगेड़ी क्षेत्र के बीच प्रस्तावित पार्किंग व्यवस्था को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि श्रद्धालु आसानी से घाटों और मेला क्षेत्र तक पहुंच सकें. इसके लिए नए संपर्क मार्गों की भी योजना बनाई गई है.

आवागमन आसान होगा
शहर के भीतर निर्माणाधीन सिंहस्थ बायपास मार्ग, चामुंडा माता क्षेत्र को फ्रीगंज से जोड़ने वाला नया पुल और विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण कार्य भविष्य के यातायात तंत्र को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद न केवल सिंहस्थ के दौरान आवागमन आसान होगा, बल्कि शहरवासियों को भी स्थायी रूप से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

अनेक प्रकल्पों पर कार्य
महापर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रकाश व्यवस्था, संकेतक चिन्ह, अस्थायी शौचालय, स्नानागार, पेयजल, टेंट सिटी और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं पर भी व्यापक स्तर पर कार्य चल रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप सजाने-संवारने की योजना भी तैयार की जा रही है.

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