
आमला। नगर में स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। हालात यह हैं कि रसूखदार और अमीर लोग खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्ज़ा कर रहे हैं। कई जगहों पर उनके मकान और दुकानों का हिस्सा सार्वजनिक भूमि पर खड़ा है। इतना ही नहीं, कारों की पार्किंग भी सड़क और सरकारी जगहों पर की जा रही है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बड़े और प्रभावशाली लोग नियम तोड़ते हैं तो आम जनता के सामने गलत उदाहरण पेश होता है। गरीब तब आसानी से निशाने पर आ जाता है और प्रशासन भी सबसे पहले उसी पर कार्रवाई करता है। नागरिकों का कहना है कि “अगर रसूखदारों और अमीरों पर सख्ती की जाए, तो गरीब अपने आप सुधर जाएगा।”
पार्किंग की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।आगामी वर्ष में नगर में डिवाइडर बनने है,इस ओर पूर्व में ही ध्यान देना आवश्यक होगा क्योंकि सड़कों पर खड़ी कारों के कारण न तो एम्बुलेंस आसानी से निकल पाती है और न ही स्कूली बच्चों की गाड़ियां। आए दिन जाम की स्थिति बनती है, जिससे राहगीरों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन आँख मूँदकर सब देख रहा है।शहरवासी अब प्रशासन से कड़े कदम की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियम सबके लिए समान होने चाहिए। यदि बड़े-बड़े अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, तो बाकी लोग अपने आप सुधार कर लेंगे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
