गुना: शहर में शुक्रवार की आधी रात को मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और जोरदार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर गुना के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सिद्ध स्थल हनुमान टेकरी मंदिर पर देखने को मिला, जहां रात के समय मंदिर के शिखर (गम्मत) पर आकाशीय बिजली गिर गई। गनीमत यह रही कि यह घटना देर रात घटित हुई, जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 29 मई की रात लगभग 11 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और धूलभरी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया। इसी बीच रात करीब 3 बजे टेकरी मंदिर के शिखर पर जोरदार गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी। शनिवार सुबह जब मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु दर्शन के लिए वहां पहुंचे, तो शिखर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिरा हुआ मिला। इस घटना की खबर शहर में फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा होने लगे। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि शहर पर जब भी कोई बड़ा संकट आता है, टेकरी सरकार उसे अपने ऊपर ले लेते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक बार टेकरी मंदिर के शिखर पर बिजली गिर चुकी है।
अचानक आए इस भीषण तूफान के कारण शहर के अन्य हिस्सों में भी भारी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए, वहीं शादी-समारोहों के लिए लगे टेंट भी उखड़ गए। आंधी शुरू होते ही सुरक्षा के लिहाज से और तकनीकी खराबी के कारण गुना के अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई, जिससे नागरिकों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर तापमान पर भी देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच इस बारिश और तूफान से रात के पारे में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। जहाँ एक दिन पहले गुरुवार को रात का तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस था, वह शुक्रवार की रात को गिरकर 21.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है। फिलहाल बिजली कंपनी की टीमें सुबह से ही शहर की विद्युत व्यवस्था बहाल करने में जुटी हैं और प्रशासन द्वारा आंधी से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
