बिजली बिल के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल

इंदौर: सावधान! बिजली कंपनी एपीके फाइल नहीं भेजती, साइबर ठगों के नए जाल से बचें. साइबर अपराधियों ने अब बिजली बिल और बिजली कटौती के नाम पर लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है.बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कंपनी कभी भी किसी उपभोक्ता को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए नहीं भेजती. यदि वाट्सएप या अन्य माध्यम से ऐसी फाइल प्राप्त होती है, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें, क्योंकि इसे डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक होने और बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी होने का खतरा बढ़ जाता है.

कंपनी ने बताया कि रात 9.30 बजे बिजली काटने, बिल बकाया या तत्काल भुगतान जैसे संदेश भेजकर साइबर ठग उपभोक्ताओं को डराने का प्रयास कर रहे हैं. इन संदेशों में एपीके फाइल डाउनलोड करने या किसी लिंक पर क्लिक करने का दबाव बनाया जाता है. जैसे ही उपभोक्ता फाइल डाउनलोड करता है, मोबाइल का एक्सेस साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच सकता है. बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके अधिकृत संदेश केवल विधिवत एसएमएस या अधिकृत वाट्सएप माध्यम से भेजे जाते हैं, जिन पर एमपीएसईबीडब्ल्यू-एस या एमपीपीकेवीवीसी लिखा होता है. इन संदेशों में किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर का उल्लेख नहीं होता.

बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा न करें
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी से भी साझा नहीं करें. संदेह की स्थिति में तुरंत बिजली कंपनी के जोन कार्यालय या वितरण केंद्र से संपर्क करें. विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही साइबर क्राइम का सबसे प्रभावी तोड़ है. थोड़ी सी सतर्कता लोगों को बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है.

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