बिहार की राजनीति का बड़ा नाम राबड़ी देवी को अब अपना सरकारी आवास खाली करना होगा। भवन निर्माण विभाग ने उनका आवास इस नेता को आवंटित कर दिया है।
बिहार राजनीति से जुड़ी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता राबड़ी देवी को अब अपना सरकारी आवास छोड़ना होगा। भवन निर्माण विभाग के इस नोटिस से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। राबड़ी देवी को बिहार सरकार के नोटिस के संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा, कि सरकार ने नियम बनाए हैं, और सभी को उनका पालन करना चाहिए, विशेष रूप से जन प्रतिनिधियों को रहना चाहिए। सरकार में नहीं है उसके बाद भी रह रही है।
दरअसल, आरजेडी नेता राबड़ी देवी को अलॉट सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अब बिहार सरकार में पशु, मत्स्य और डेयरी संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को अलॉट कर दिया गया है।
राबड़ी देवी को मिला नोटिस
बिहार की मंत्री लेसी सिंह ने बताया कि, पिछले साल, 25 नवंबर 2025 को, 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास आधिकारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को अलॉट किया गया था, और तब से उसे पूरी तरह से सुसज्जित कर दिया गया है।
आवास खाली कराने का वैध नोटिस
इससे पहले, आवास खाली करने का एक कानूनी रूप से वैध नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका था, क्योंकि 10 सर्कुलर रोड स्थित जिस आवास में वह रह रही थीं, वह औपचारिक रूप से उनके नाम पर अलॉट नहीं था। हाल ही में, कैबिनेट का विस्तार हुआ। नए नियुक्त मंत्रियों ने अनुरोध किया कि उन्हें भी उनके मंत्री पद के अनुरूप एक उपयुक्त आवास अलॉट किया जाए।
मंत्री नंद किशोर राम को अलॉट किया गया मकान
नतीजतन, विभाग ने फैसला किया कि एक मंत्री को आवास उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इस प्रकार, 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास अब औपचारिक रूप से मंत्री नंद किशोर राम के नाम पर अलॉट कर दिया गया है। चूंकि विभाग ने यह फैसला लिया है और एक कानूनी रूप से वैध नोटिस जारी किया है, इसलिए अब इस संपत्ति पर मंत्री का अधिकार है, और उनके वहां रहने के लिए चले जाने की उम्मीद है।
मंत्री लेसी सिंह ने आगे कहा, इसके बाद, विभाग कानून और स्थापित नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाएगा। विपक्ष के पास यहां आपत्ति करने का कोई वैध आधार नहीं है।
आपको जानकारी दें, कि इस समय लालू यादव का पूरा परिवार दिल्ली में मौजूद है। हाल ही में तेजस्वी यादव के बेटे इराज का जन्मदिन भी दिल्ली में मनाया गया था। इस दौरान पूरा लालू परिवार एक साथ दिखाई दिया था। इस दौरान तेज प्रताप यादव भी शामिल हुए थे, लेकिन रोहिणी आचार्य नजर नहीं आईं थीं।
