
तिरुवनंतपुरम, 29 मई (वार्ता) केरल में संयक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की नव-निर्वाचित कांग्रेस नीत सरकार के पहले विधानसभा सत्र की शुरुआत शुक्रवार को ऐतिहासिक अंदाज में हुई। सदन में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया, जिसके बाद राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने अपना नीतिगत अभिभाषण दिया। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल अर्लेकर के भाषण से पहले पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रीय गीत का केवल शुरुआती हिस्सा ही बजाया गया।
लोक भवन से हालांकि पूरा गीत बजाने की सिफारिश की गई थी लेकिन सरकार ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान केवल शुरुआती हिस्से को ही रखने का फैसला किया।
राज्यपाल अर्लेकर का विधानसभा में अध्यक्ष तिरुवनचूर राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और संसदीय कार्य मंत्री सन्नी जोसेफ ने स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने औपचारिक रूप से नई सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए अपना अभिभाषण दिया। श्री अर्लेकर ने अपने संबोधन में नये प्रशासन के तहत पारदर्शी, जन-केंद्रित और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन का आश्वासन दिया। नीतिगत भाषण में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार, प्रशासनिक सुधार, आर्थिक पुनरुद्धार और केंद्र-राज्य संबंधों को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया। उनके संबोधन में यूडीएफ सरकार के प्रमुख वादों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें ‘इंदिरा गांधी गारंटी’ योजनाओं का कार्यान्वयन, कल्याणकारी पेंशन में वृद्धि, महिलाओं के लिए केरल राज्य परिवहन निगम की बसों (केएसआरटीसी) में मुफ्त यात्रा और रद्द की गई सिल्वरलाइन सेमी-हाई-स्पीड रेल परियोजना के विकल्प के रूप में नयी बुनियादी ढांचा पहल शामिल हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार ने 2026 के केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ की जीत के बाद इस महीने की शुरुआत में कार्यभार संभाला। उसने शासन सुधार, वित्तीय अनुशासन और सामाजिक कल्याण को अपने प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया है।
