पेरिस, 28 मई (वार्ता) जर्मनी की तमारा कोर्पाच ने कहा कि अगर उन्होंने चीन की वांग शिन्यू के खिलाफ फ्रेंच ओपन में चीटिंग की होती, तो यह उनके लिए “शर्मनाक” होता। यह बात उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस के बाद कही। कोर्पाच ने दूसरे राउंड के मैच में 6-2, 2-6, 6-3 से जीत हासिल करने के बाद अपनी विरोधी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इस मैच पर शुरू से ही तनाव का साया मंडरा रहा था। विवाद की शुरुआत तब हुई जब वांग गेंद के निशान की जांच करने के लिए कोर्ट में कोर्पाच की तरफ चली गईं। ऐसा तब हुआ जब चेयर अंपायर ने फैसला दिया कि वांग का शॉट बेसलाइन के बाहर गिरा था। वांग के इस रवैये पर दर्शकों ने उनकी हूटिंग की और उन्हें ‘खेल भावना’ नहीं दिखाने के लिए ‘कोड उल्लंघन’ की चेतावनी दी गई।
यह पॉइंट (अंक) इसलिए भी खास था क्योंकि इसकी वजह से पहले सेट के आखिर में वांग की सर्विस पर कोर्पाच को ‘सेट पॉइंट’ मिल गया था। मैच खत्म होने के बाद जब दोनों खिलाड़ी नेट पर मिलीं, तो यह विवाद फिर से भड़क उठा। दोनों ही बिना हाथ मिलाए वहां से चली गईं। इसके बाद, कोर्पाच ने 32वीं वरीयता प्राप्त वांग के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि वह “एक निष्पक्ष खिलाड़ी नहीं हैं।”
कोर्पाच ने कहा कि गेंद के दो निशान थे – एक पुराना और एक नया – लेकिन दोनों ही कोर्ट के बाहर थे। इस बात का समर्थन चेयर अंपायर और ‘हॉक-आई’ तकनीक ने भी किया। कोर्पाच ने कहा, “चेयर अंपायर नीचे आए और उन्होंने गेंद का निशान दिखाया, जो कि कोर्ट के बाहर था। टीवी पर भी ‘हॉक-आई’ में दिखाया गया कि गेंद लगभग 8मिमी बाहर थी। वांग मेरी तरफ इसलिए आईं क्योंकि उन्हें इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था।”
“आखिर में, हमने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया क्योंकि वांग ने मुझसे कहा कि वह गेंद के निशान को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।मैं यह तो नहीं कह सकती कि मैं उन्हें वह पॉइंट तोहफे में दे दूंगी। मुझे थोड़ा हैरानी हुई क्योंकि हमारे बीच अच्छे संबंध हैं; हम कोई दुश्मन तो नहीं हैं। मैंने उन्हें हाथ इसलिए नहीं बढ़ाया क्योंकि मेरे लिए ऐसा करना सही नहीं होता। मेरी तरफ आना वांग की तरफ से गलत था, और मैं कोई गलत या बेईमान खिलाड़ी नहीं हूं।”

