सतना : रेलवे में अनुशासन के नाम पर प्रचलित नौकरशाही का एक रुप तब सामने आया जब युनिट 15 लगरगवां में पदस्थ दर्जन भर रेलकर्मियों ने रेल पथ निरीक्षक दक्षिण के विरुद्ध अनैतिक उत्पीडऩ जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया.बुधवार की दोपहर रेलवे की युनिट नंबर 15 लगरगवां में बतौर गैंगमैन पदस्थ लगभग दर्जन भर कर्मचारी एकत्रित होकर एडीइईएन कार्यालय पहुंच गए. जहां पर उन्होंने रेल पथ निरीक्षक मुकेश मिश्रा के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया. यह दृश्य देख अक्सर इस तरह की घटना से अनभिग्य रहने वाले रेल अधिकारी भी सकते में आ गए.
आनन-फानन में विरोध प्रदर्शन कर रहे रेल कर्मियों से चर्चा करते हुए उनकी समस्या सुनी गई और उनके मांग पत्र को संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचाने को आश्वासन दिया गया. विरोध प्रदर्शन करने वाले रेल कर्मी जबरदस्त आक्रोश में नजर आए. उनका कहना था कि उनके सेक्सनल पीडब्लूआई मुकेश मिश्रा द्वारा उन्हें अनैतिक तौर पर प्रताडि़त किया जा रहा है. हर रोज अनुपस्थित करने की धमकी, छुट्टी लगाने के बावजूद अनुपस्थित करना, रेल कर्मियों से अपने घर का काम कराना, प्राइवेट कर्मचारियों की अनुपस्थिति में उनका काम रेल कर्मियो ंसे कराना सहित अन्य कई तरह की मनमानी अनियमितताएं सम्मिलित हैं.
एक रेलकर्मी खा चुका है जहरआक्रोशित रेल कर्मियों के अनुसार पीडब्लूआई की प्रताडऩा की वजह से ही किुछ महीने पहले एक रेल कर्मी मुकेश कुशवाहा द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया जा चुका है. पीडब्लूआई का ट्रांसफर भी हो चुका है. लेकिन यूपियन के प्रभाव के चलते उन्हें यहां से नहीं भेजा जा रहा है. लिहाजा यदि रेल कर्मियों की प्रताडऩा ऐसे ही जारी रही तो वे सामूहिक तौर पर आत्मदाह करने को विवश हो जाएंगे. जिसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी.
