दतिया: झोपड़ी में अचानक आग लगने से 2 साल का बच्चा जिंदा जल गया। माता-पिता उसे खाट पर लिटाकर खेत में काम कर रहे थे। झोपड़ी से लपटें उठती देख वे बच्चे को बचाने दौड़े लेकिन आग इतनी तेज थी कि वे उसे बाहर नहीं निकाल पाए। हादसा जिगना गांव में देर शाम हुआ। सूचना मिलते ही जिगना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। आग लगने के कारण का खुलासा नहीं हो सका है।
हरदेव कुशवाहा ने बताया कि वह सेमला तालाब के पास खेत पर बनी झोपड़ी में रहता है। वह पत्नी के साथ तालाब किनारे लगे तरबूज और खरबूजे तोड़ने गया था। छोटा बेटा ब्रषभान उर्फ कल्ला झोपड़ी में रखी खाट पर सो रहा था। बड़ा बेटा बाहर खेल रहा था। अचानक झोपड़ी से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। माता-पिता के साथ आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंचे। आग बुझाने की कोशिश करने लगे लेकिन लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि ब्रषभान को बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। सबकी आंखों के सामने वह जिंदा जल गया। जब आग बुझी तो खाट के बीच उसकी लाश पूरी तरह झुलसी हुई मिली।
