संजीवनी की बत्ती गुल, भीषण गर्मी में परेशान रहे मरीज

​ग्वालियर। क्षेत्रीय कार्यालय वार्ड क्रमांक 17 स्थित संजीवनी क्लीनिक में उस समय हड़कंप मच गया जब बिजली कंपनी द्वारा अचानक क्लीनिक का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। इस भीषण गर्मी के मौसम में बिजली कटने के कारण इलाज कराने आए मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्लीनिक में बिजली गुल होने और मरीजों की दुर्दशा की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री सुनील शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

 

​भीषण गर्मी में बेहाल दिखे मरीज, अव्यवस्थाओं का अंबार

 

​मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता सुनील शर्मा को स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने अपनी आपबीती सुनाई। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच क्लीनिक के भीतर और बाहर मरीज बिना पंखे और कूलर के बैठने को मजबूर थे। मरीजों ने शिकायत की कि बिजली गुल होने से जांच और इलाज की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। ​निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और मरीजों ने कांग्रेस प्रदेश महामंत्री के सामने संजीवनी क्लीनिक की अन्य गंभीर समस्याओं को भी उठाया। लोगों का आरोप है कि इस क्लीनिक में लंबे समय से डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है और कई बार बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने इस पूरे मामले को लेकर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा है। उन्होंने कड़े शब्दों में अनुरोध किया है कि मरीजों की गंभीर स्थिति और भीषण गर्मी को देखते हुए संजीवनी क्लीनिक की बिजली तुरंत जोड़ी जाए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि क्लीनिक में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्रीय जनता को सुचारू रूप से स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

इनका कहना है..

​स्वास्थ्य सेवाओं में इस प्रकार की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भीषण गर्मी में मरीजों और बुजुर्गों को इस तरह परेशान छोड़ देना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है।

— सुनील शर्मा, प्रदेश महामंत्री, कांग्रेस

 

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