
सुरेश पांडे पन्ना। अजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के मजरा नयापुरवा में मंगलवार को मनरेगा के तहत चल रहे निर्मल नीर योजना के निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शिव प्रसाद अहिरवार के खेत में खोदे जा रहे कुएं की मिट्टी और दीवार अचानक धंस जाने से अंदर काम कर रहे एक ही परिवार के पांच मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।
बताया गया कि पंचायत द्वारा ठेके पर कुएं का निर्माण कराया जा रहा था। हादसे से कुछ मिनट पहले एक मजदूर पानी पीने के लिए कुएं से बाहर निकला था। इसी दौरान कुएं की दीवार और मिट्टी भरभराकर गिर गई, जिससे अंदर काम कर रहे पांच मजदूर मिट्टी में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। जेसीबी और एलएनटी मशीनों की मदद से करीब साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे पांचों शव बाहर निकाले जा सके।
हादसे में चून्नू यादव, आशीष यादव, रामपाल यादव, राजकुमार यादव और उन्वदी पाल की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव परिजनों को सौंप दिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और तकनीकी इंतजाम के गहरे कुएं में उतारा गया था। गांव के युवक राकेश यादव ने बताया कि यही कुआं पिछले वर्ष भी धंस चुका था, बावजूद इसके बिना सुरक्षा प्रबंध के दोबारा काम शुरू करा दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य सरपंच द्वारा अघोषित रूप से ठेके पर कराया जा रहा था। कलेक्टर ऊषा सिंह परमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
मनरेगा जैसे सरकारी निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पंचायत, तकनीकी अमले और जनपद प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस हादसे ने सरकारी योजनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की पोल खोल दी है।
