नई दिल्ली | भारत और ओमान के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) आज, 1 जून 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मस्कट यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित यह समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है। इसके तहत ओमान ने अपनी 98% से अधिक टैरिफ लाइनों पर भारतीय उत्पादों के लिए शून्य शुल्क पहुंच प्रदान की है, जिससे भारत के प्रमुख श्रम-प्रधान निर्यातों को वैश्विक स्तर पर बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
इस समझौते से जेम्स एंड ज्वैलरी, कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भारी लाभ होने की उम्मीद है। भारत ने भी ओमान से आने वाले आयात पर शुल्क में व्यापक रियायतें दी हैं, हालांकि डेयरी, चाय और सोने-चांदी जैसे संवेदनशील उत्पादों को इस छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। यह समझौता न केवल माल के व्यापार को सरल बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग की एक मजबूत नींव भी रखेगा।
CEPA समझौते का एक प्रमुख पहलू सर्विस सेक्टर का विस्तार है। यह समझौता कंप्यूटर, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रोफेशनल सेवाओं में नए अवसर खोलता है। भारतीय पेशेवरों के लिए ओमान में काम करने की शर्तें आसान की गई हैं, जिसमें ‘इन्ट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी’ कोटा 50% तक बढ़ाया गया है और कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए रहने की अवधि को 2 साल तक विस्तारित किया गया है। भारत की हालिया अन्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार संधियों की तरह, यह पहल वैश्विक बाजार में भारत की आर्थिक विविधता और प्रभाव को मजबूती प्रदान करेगी।

