बीएचयू के दो दिग्गजों को मिला पद्मश्री सम्मान: चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. श्याम सुंदर और कृषि विज्ञान में डॉ. अशोक कुमार सिंह का गौरवपूर्ण योगदान

वाराणसी | काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर डॉ. श्याम सुंदर को कालाजार जैसी घातक बीमारी के उपचार में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। पिछले चार दशकों से उन्होंने कालाजार के निदान और इलाज की सस्ती और प्रभावी तकनीकें विकसित कीं, जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भी मान्यता दी गई है। उनके द्वारा खोजी गई सिंगल डोज दवा ने पूर्वांचल सहित कई देशों में लाखों लोगों की जान बचाई है।

वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह को बासमती चावल की 11 किस्मों सहित 27 उन्नत प्रजातियों के विकास के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है। उनके शोध से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि जल संरक्षण और खेती की लागत को कम करने में भी मदद मिली है। वर्तमान में उनके द्वारा विकसित किस्मों का उपयोग भारत के 90% से अधिक बासमती क्षेत्र में हो रहा है, जो देश की विदेशी मुद्रा आय में बड़ा योगदान दे रहा है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन दोनों प्रबुद्ध वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल बीएचयू के लिए गौरव का विषय है, बल्कि देश की वैज्ञानिक और शैक्षणिक उपलब्धियों को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाता है। डॉ. सिंह के नेतृत्व में आईएआरआई ने भी वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जो उनके कुशल मार्गदर्शन और निरंतर शोध का प्रमाण है।

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