इन्दौर: भीषण गर्मी के दौर में जहां शहर के कई हिस्सों में लोग पानी के लिए परेशान हैं, वहीं श्रीनगर क्षेत्र के रहवासियों को वर्षों पुरानी पानी की समस्या से राहत मिली है. नवभारत द्वारा लगातार खबर प्रकाशित कर समस्या को नगर निगम के संज्ञान में लाया गया. इसी का सकारात्मक परिणाम रहा कि रहवासियों को अब स्वच्छ और नियमित (एक दिन छोड़कर) नर्मदा जल मिलने लगा है. क्षेत्रवासियों ने नवभारत के प्रति आभार व्यक्त किया है.
वार्ड क्रमांक 43 के खजरानी काकड़ (श्रीनगर) क्षेत्र में पिछले करीब दो दशकों से जल संकट बना हुआ था, क्षेत्र में नर्मदा की पाइपलाइन डलने के बावजूद घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा था, मजबूरी में लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए इधर-उधर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी, वहीं कई परिवारों को निजी टैंकरों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था. क्षेत्रवासियों की इस गंभीर समस्या को नवभारत ने जनहित के मुद्दे के रूप में लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया और मामला नगर निगम और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया.
इसके बाद हालांकि क्षेत्र में नई नर्मदा पाइपलाइन डालने का कार्य पूरा तो कर लिया गया, लेकिन लंबे समय तक नई लाइन से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी. इस लापरवाही को भी नवभारत ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता बढ़ी तथा नई लाइन से पानी की सप्लाई शुरू कराने की प्रक्रिया तेज हुई, आखिरकार क्षेत्रवासियों को स्वच्छ और नियमित पानी मिलने लगा. आज जब भीषण गर्मी के कारण पूरा शहर पानी की भीषण समस्या से जूझ रहा है, वहीं खजरानी काकड़ श्रीनगर क्षेत्र में नई नर्मदा लाइन से हो रही जलापूर्ति लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है.
यह बोले रहवासी
पिछले 20 वर्षों से हमारी गली में पानी की समस्या बनी हुई थी, नर्मदा लाइन से पूरी तरह दूषित पानी मिलता था. नवभारत में खबर प्रकाशित होने के बाद अब शुद्ध पानी मिल रहा है. नवभारत को बहुत-बहुत धन्यवाद.
– राजेश कालोटिया
जल संकट इतना ज्यादा था कि हमें आसपास से पानी का बंदोबस्त करना पड़ता था. दो दशक पानी के लिए कैसे निकाले हैं, क्षेत्रवासी जानते हैं. लेकिन नई लाइन शुरू होने से अब पानी की किल्लत नहीं है.
– दिनेश सिंह
हर रोज पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी, ज्यादातर लोग पैसे देकर पानी का टैंकर बुलवाते थे. अब एक दिन छोड़कर साफ पानी लोगों को मिल रहा है. सभी लोग बहुत खुश हैं.
– आमना बी
