विजय शर्मा
भोपाल: ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब डीजल की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है. व्यवसायिक डीजल के दामों में करीब 45 प्रतिशत वृद्धि होने से भोपाल और मंडीदीप के उद्योगों, नगर निगम और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है. कीमतों में भारी अंतर के चलते पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी और अवैध खरीद की आशंका भी जताई जा रही है.
भारत में इस युद्ध के पहले व्यवसायिक और निजी उपयोग वाले डीजल की कीमतों में सिर्फ लगभग 6 रुपए का अंतर था. व्यवसायिक डीजल की कीमतों में पिछले दिनों बढ़ोत्तरी लगभग 45 प्रतिशत की गई. जिसके चलते जिले में वर्तमान में कई पेट्रोल पंपो पर डीजल की समस्या भी सामने आ रही है.वर्तमान में जहां निजी वाहनों के उपयोग के लिए डीजल की कीमत 96.85 रुपए है वहीं व्यवसायिक उपयोग के लिए लगभग 135 रुपए है. व्यवसायिक उपयोग के लिए इंधन कंपनियों की डिपो से ही दिया जाता है. किसी भी पेट्रोल पंप से खरीदना पूरी तरह से प्रतिबंध है. अगर कोई व्यवसायिक उपयोग के लिए डिपो से ना लेकर पेट्रोल पंप से खरीदा जाता है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है.
100 से अधिक संस्थाओं में होता है उपयोग
भोपाल और मंडीदीप में लगभग 100 एैसे उद्योग हैं जिनमें डीजल का उपयोग अधिक होता है. जिसमें बिजली उत्पादन, भारी वाहनों, हीटिंग और विशेष मशीनों के संचालन के लिए प्रमुख रूप से किया जाता है. डीजल पर निर्भर प्रमुख उद्योगों में कैप्टिव पावर और जेनरेटर,होटलों, रेस्टोरेंट्स और मैरिज गार्डनों में डीजल भट्टियों के लिए, मालवाहक ट्रकों, बसों और स्थानीय डिलीवरी वाहनों, कृषि और निर्माण उपकरण जैसे अर्थमूवर, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर,भोपाल नगर निगम, स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों और फाउंड्री में, बीएचईएल और मेट्रो रेल साथ ही मोबाइल के टावरों में जनरेटर के लिए डीजल का उपयोग किया जाता है.
व्यवसायिक में वृद्धि का असर जनता पर
डीजल में हुए लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि से अब कुछ व्यवसायिक उपयोग वाले निजी पेट्रोल पंप से डीजल ले रहे हैं. इस तरह से भोपाल और मंडीदीप में एैसे लगभग 100 उद्योग होंगे. जिनमें डीजल का उपयोग होता है. इनकीं प्रतिदिन खमप लगभग 25 हजार लीटर बताई जाती है. 6 रुपए की जगह अब इनको लगभग 38 रुपए वृद्धि होने से अब यह चोरी छुपे पेट्रोल पंप से खरीदेंगे जिससे पेट्रल पंप पर डीजल की कमी होने की संभावना रहेगी. वहीं कुछ दिन पहले पेट्रोल पंपों पर इस तरह की समस्या भी आई थी. जिसका सामना जनता को करना पड़ा था.
नगर निगम पर डीजल की कीमत में वृद्धि से भार
प्राप्त जानकारी अनुसार अभी तक नगर निगम के वाहनों में डीजल पुलिस पेट्रोल पंप या अन्य जगहों से भराया जाता रहा है. इस विभाग में हजारों वाहन डीजल के उयोग से चलते हैं. लेकिन अब पुलिस पेट्रोल पंप के से भी नगर निगम के वाहनों को डीजल देने से मना कर दिया है. नगर निगम वैसे ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है एैसे में अगर इनकों बढ़ी हुई कीमतों में डीजल लेना पड़ेगा तो शहर की व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ेगा और कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ेगे. इस मामले को लेकर निगमायुक्त से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
इनका कहना है
व्यवसायिक उपयोग पर डीजल में लगभग 38 रुपए की वृद्धि हुई. व्यवसायिक उपयोग के लिए बकानिया में हिन्दुस्तान पेट्रालियम और निलांयंस की डिपो हैं.अगर कोई व्यवसायिक उपयोग के लिए पेट्रोल पंप से डीजल लेता है और जानकारी मिलेगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी.
चद्रभान सिंह जादौन, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी
