उज्जैन: कालभैरव मंदिर में 20 मई से शुरू हुई 500 रुपए की शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को महज पांच दिनों में लगभग 25 लाख रुपए की आय हुई है। भीड़ और गर्भगृह में दबाव बढऩे के कारण अब प्रत्येक शनिवार और रविवार को आम दर्शनार्थियों के लिए 500 रुपए वाली शीघ्र दर्शन व्यवस्था स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब वीकेंड पर यह सुविधा केवल प्रोटोकॉल दर्शनार्थियों को ही मिलेगी।
शनिवार और रविवार को मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या अचानक बढ़ गई थी, जिसके चलते कई बार शीघ्र दर्शन लाइन को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। क्षेत्रीय पटवारी व मंदिर व्यवस्थापक महेश देपन के अनुसार, शनिवार को एक ही दिन में 1876 दर्शनार्थियों ने 500 रुपए की रसीद कटवाकर दर्शन किए। इससे मंदिर समिति को एक दिन में 9 लाख 38 हजार रुपए की आय हुई। रविवार को भी लाखों रुपए की आय प्राप्त हुई है, जबकि पूरे सप्ताह का अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है।
गर्भगृह में भीड़ के दबाव को देखते हुए मंदिर समिति अब शीघ्र दर्शन के लिए एक नई वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। इसके तहत शीघ्र दर्शन के दर्शनार्थी को गर्भगृह में प्रवेश नहीं देते हुए, बाहर से ही बिना कतार के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए 250 रुपए रखने पर विचार किया जा रहा है। कलेक्टर की सहमति के बाद इस नई व्यवस्था को जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।
गर्भगृह छोटा होने से बन रही थी अव्यवस्था
कालभैरव मंदिर का गर्भगृह काफी छोटा है। यहां दो दरवाजे हैं। एक दरवाजे से आम श्रद्धालु बाहर से दर्शन करते हैं, जबकि दूसरे दरवाजे से शीघ्र दर्शन वाले श्रद्धालु अंदर जाकर दर्शन करते हैं और उसी से वापस लौटते हैं। इस कारण गर्भगृह में व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। व्यवस्थापक महेश देपन और मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डय द्वारा लागू की गई। इस व्यवस्था से आय में हुई रिकॉर्ड वृद्धि पर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह एवं एडीएम एलएन गर्ग ने संतोष व्यक्त किया है। साथ ही श्रद्धालुओं को और राहत देने के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव के निर्देश दिए हैं।
