सारनी। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी में ठेका मजदूरों के शोषण को लेकर आयोजित त्रिपक्षीय बैठक अब विवादों के घेरे में आ गई है। मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित इस बैठक में मजदूरों और श्रमिक संघों को ही आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि पेटी कॉन्टैक्टर, ठेकेदार संघ और प्रबंधन से जुड़े लोग मौजूद रहे। नवागत कलेक्टर को श्रमिक संघ द्वारा शिकायत सौंपे जाने के बाद कलेक्टर विजिट वाले दिन ही बैठक आयोजित होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
विधायक प्रतिनिधि एवं मानव अधिकार आयोग के जिला प्रभारी संजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्लांट के विभिन्न विभागों में मजदूरों से कम वेतन पर अधिक काम लिया जा रहा है। कई मजदूरों को नगद भुगतान किया जा रहा है, पीएफ नहीं काटा जा रहा और कुशल श्रमिकों से अर्धकुशल श्रेणी का कार्य कराया जा रहा है। बाग-बगीचे और कोल हैंडलिंग प्लांट में कार्यरत मजदूरों के शोषण के गंभीर आरोप भी लगाए गए।
मामले में प्रबंधन के श्रम कल्याण अधिकारी नरेश पनवार और जिला श्रम अधिकारी धम्मदीप भगत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो मामला जांच तक नहीं पहुंचता। बैठक में मुख्य अभियंता अनिल लिलोरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन मजदूरों की मूल समस्याओं पर चर्चा नहीं होने से असंतोष और गहरा गया है।
