
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय एवं सर्वधर्म महाविद्यालय के मध्य हस्ताक्षरित मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग के अंतर्गत स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माधव विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीति पांडे ने लैंगिक असमानता विषय पर छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने उद्बोधन में डॉ. नीति पांडे ने कहा कि भारत वह देश है जहाँ राम से पहले सीता, कृष्ण से पहले राधा तथा शंकर से पहले गौरा का नाम लिया जाता है। भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान, सुरक्षा एवं समान अधिकार प्राप्त रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को शोषित, पीड़ित एवं असुरक्षित बताने का जो विमर्श प्रस्तुत किया जाता है, वह एक भ्रमित एवं तथ्यहीन है, जिसे कुछ वामपंथी एवं विधर्मी मानसिकता के लोगों द्वारा स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक भारतीय महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, संपत्ति अर्जित करने एवं दान देने, अपने जीवनसाथी के चयन तथा सामाजिक सहभागिता सहित सभी अधिकार प्राप्त रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहाँ महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नेतृत्व क्षमता का परिचय न दिया हो। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल, शिक्षा, परिवहन एवं अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे सभी क्षेत्रों में महिलाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी, द्रौपदी मुर्मू, पी. टी. उषा तथा मैरी कॉम जैसे उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय महिलाएँ आज प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के समाधानपरक उत्तर देकर उन्होंने सत्र को अत्यंत रोचक, संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक बनाया। इस अवसर पर दोनों महाविद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन माधव विधि महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक सोनाली दुबे एवं सर्वधर्म महाविद्यालय की रीना दोहरे जी द्वारा किया गया।
