लखनऊ, 23 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण लू और गर्म रातें लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 23 और 24 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश के कई शहरों में तापमान बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार प्रयागराज और बांदा में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। कानपुर में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस, लखनऊ में लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तथा आगरा और अलीगढ़ में 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वाराणसी में शनिवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदेश के अधिसंख्य इलाकों में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक सड़कों पर आमतौर पर सन्नाटा देखा गया। इस अवधि में सड़कों पर यातायात सामान्य से काफी कम रहा और व्यवसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुयी। हालांकि सड़क किनारे बेल का शर्बत,आम का पना, गन्ने का रस,लस्सी,नीबूं पानी और कोल्ड ड्रिंक्स बेचने की पौ बारह रहीं। प्रदेश के अधिसंख्य इलाकों में लू का असर रात को भी दिखने लगा है। गर्म हवायें रात को भी सता रही है।
मौसम के तल्ख मिजाज के बीच राज्य में बिजली की मांग पीक आवर्स में 30 हजार मेगावाट से अधिक पहुंचने लगी है। बिजली विभाग मांग और आपूर्ति में तालमेल बैठाने के लिये पुरजोर कोशिश कर रहा है मगर जर्जर ट्रांसफार्मरों और केबिलों के दगा देने से कई इलाकों में बिजली की आवाजाही लगातार बनी हुयी है। बिजली की किल्लत से परेशान कुछ स्थानों पर विद्युत उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक आम होती जा रही है।
गर्मी और लू के चलते बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरु कर दिया है, नतीजन अस्पतालाें और नर्सिंग होम्स में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। इनमें से अधिकांश मरीज डिहाइड्रेशन,बुखार के थे। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि गर्मी को देखते हुये तेल मसाला युक्त भोजन,बासी भोजन,फास्ट फूड आदि से परहेज करें। भूख से कुछ कम खायें और खीरा,ककड़ी,पपीता, खरबूजा और तरबूज आदि फल भरपूर मात्रा में लें।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 27 मई तक कई स्थानों पर लू से भीषण लू चलने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में “उष्ण रात्रि” यानी रात में भी अत्यधिक गर्मी बनी रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भी लू का असर बना रहेगा।
पूर्वानुमान के मुताबिक 25 और 26 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 27 मई से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में फिर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। 28 और 29 मई को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, सिर ढंककर चलने तथा लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। किसानों को भी तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है।
