छावनी क्षेत्र में 80 फीट चौड़ी सड़क के लिए हटाए बाधक

इंदौर: नगर निगम ने में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुक्रवार को छावनी क्षेत्र में कार्रवाई की. नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ मैदान में उतरा. कल शहर के पश्चिम क्षेत्र में लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे तक बुलडोजर चलाया गया था.नगर निगम ने आज सुबह छावनी स्थित जगन्नाथ धर्मशाला के पास पुल से मधुमिलन चौराहे मास्टर प्लान की सड़कों बनाने के लिए बाधक हटाना शुरू किए.

नगर निगम ने भारी पुलिस बल और बड़े रिमूवल दस्ते के साथ मधुमिलन चौराहे से लेकर छावनी चौराहे के आगे जगन्नाथ धर्मशाला के पास पुल तक 10 से ज्यादा पोलैंड लगाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए बाधक हटाने की कार्रवाई की. इस दौरान वर्तमान सड़क के दोनों ओर करीब 30-30 फीट तक 150 से ज्यादा बाधक हटाए गए. कारवाई नगर निगम अपर आयुक्त आकाश सिंह और रिमूवल प्रभारी बबलू कल्याणी के साथ विभिन्न झोंनों के रिमूवल दस्ते एक साथ कारवाई करने के लिए बुलाए गए थे. यही कारण है कि छावनी पुल से लेकर मधुमिलन चौराहे तक दोनों तरफ 90 प्रतिशत बाधक मकान एक साथ हटा दिए गए.

निगम का मास्टर प्लान की अधूरी सड़कों ध्यान नहीं
निगम मास्टर प्लान की केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज 458 करोड़ से 23 सड़कों का निर्माण करेगा. इसमें से शहर में 10 सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है. उक्त 10 सड़कों में से एक भी सड़क आज तक पूरी नहीं बन पाई है. नगर निगम का शहर की अधूरी सड़कों पर ध्यान नहीं है, जो सब की सब अधूरी पड़ी है. शहर में अधिकाश क्षेत्रों में सड़क के नाम पर नगर निगम ने खोद रखा है या अधूरा निर्माण करके छोड़ रखा है. उक्त 10 सड़कों के बाधक नगर निगम नहीं हटा रहा है या किसी दबाव में काम रोक रखा है. मगर 10 मास्टर प्लान की सड़क अधूरी ही पड़ी है. इनमे एमआर-5, सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड तक, अटल द्वार, मालवीय नगर एमआर-9, खजराना बायपास के पहले लिंक रोड जैसी कई सड़क आधी अधूरी बन कर रुकी हुई हैं. इसका लाभ शहर की जनता यातायात के लिए नहीं मिल पा रहा है. अधूरी सड़कों के कारण रहवासी, दुकानदार और वाहन चालक सब धूल धमासे एवं प्रदूषण से अलग परेशान हो रहे हैं.

तोड़फोड़ में गिरी नोटों की गड्डियां
शहर में आज नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए मधुमिलन चौराहे से जगन्नाथ धर्मशाला छावनी तक बाधक हटाने की कार्रवाई चल रही है. इस दौरान पोकलैंड मशीन के पंजे से एक मकान में रखी अलमीरा टूट गई. अलमीरा में रखे 50 रुपए के नोटो गड्डियां बिखर कर मलबे के साथ नीचे गिरने लगी. उस समय ऐसा दृष्ट बन गया, जैसे नोटों की बारिश हो रही है.    नोटों को मलबे में बिखरता देख मौके पर मौजूद नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्रवाई तत्काल रोकने के आदेश दिए. निगम कर्मचारियों ओर अधिकारियों ने मानवता का परिचय देते हुए नोटों को एकत्रित किया और इसके बाद नोटों की गिनती कर उन्हें संबंधित मकान मालिक को सौंप दिया.   निगम कर्मचारियों की ईमानदारी और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की.

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