नयी दिल्ली, 22 मई (वार्ता) वायु प्रदूषण की चुनौती से प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर के एआईआरएडब्ल्यूएटी रिसर्च फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर के एआईआरएडब्ल्यूएटी रिसर्च फाउंडेशन के बीच अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण की चुनौती से प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटना है। यह एमओयू अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसके माध्यम से राजधानी में एआई, उन्नत डेटा विश्लेषण, हाइपरलोकल मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक निर्णय सहायता प्रणालियों के उपयोग से वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वायु प्रदूषण के स्रोतों की अधिक सटीक पहचान, हॉटस्पॉट्स की निगरानी, बेहतर पूर्वानुमान प्रणाली और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में तकनीक आधारित सुशासन और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उसी दिशा में दिल्ली सरकार भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की बेहतर पहचान, रियल-टाइम निगरानी निगरानी और पूर्वानुमान आधारित रणनीतियों के माध्यम से राजधानी की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली को वायु प्रदूषण जैसी दीर्घकालिक चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीक-आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख समाधानों की आवश्यकता है। यह एमओयू राजधानी में स्मार्ट, वैज्ञानिक एवं उत्तरदायी पर्यावरणीय शासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। दिल्ली सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध नवीनतम वैज्ञानिक एवं तकनीकी साधनों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
