इंदौर:भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक इंदौर में संपन्न हुई. दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बैठक में ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों ने नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल तकनीक और सतत विकास जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की.
बैठक का दूसरा दिन इंदौर के क्रिस्टल आईटी पार्क में आयोजित हुआ, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर भारत की औद्योगिक क्षमता और विनिर्माण ताकत को करीब से देखा. एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति, एसईजेड कमिश्नर अभिषेक शर्मा, ब्रिक्स प्रतिनिधियों और आईटी कंपनियों के विशेषज्ञों के बीच विस्तृत संवाद हुआ। चर्चा में उभरती तकनीकों, नए कार्यक्षेत्रों, बड़ी कंपनियों के साथ काम करने की चुनौतियों, तेजी से बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया.
भारत में सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता को स्टार्टअप और डिजिटल नवाचार के लिए बड़ी ताकत बताया गया. प्रतिनिधियों ने इंदौर के विकसित होते स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की. ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ने मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर का भ्रमण किया, जहां ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योग स्थापित हैं. इस दौरान औद्योगिक सहयोग, सप्लाई चेन एकीकरण और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई. बैठक का आयोजन भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा किया गया।
उद्यमिता हर युवा का अधिकार
समापन सत्र को संबोधित करते हुए युवा मामले विभाग के अपर सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि उद्यमिता केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर युवा का अधिकार है. उन्होंने पूंजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रख्र, मार्गदर्शन और नियामकीय सहयोग जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए ब्रिक्स देशों के बीच साझेदारी और निरंतर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं निदेशक डॉ. सारा जयल सॉकमी ने कहा कि यह बैठक केवल प्रतिनिधित्व का मंच नहीं, बल्कि मिलकर भविष्य निर्माण का प्रयास रही.
विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत नवाचार, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और सामाजिक उद्यमिता से जुड़ी प्रदर्शनी से हुई. बैठक के दौरान पूर्ण सत्र, देश-विशिष्ट प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, नेटवर्किंग कार्यक्रम और इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किए गए. डिजिटल नवाचार, तकनीक आधारित उद्यमिता, समावेशी विकास, हरित उद्यमिता और जलवायु-अनुकूल व्यापार मॉडल जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई. एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर विशेष जोर दिया गया. बैठक के दूसरे दिन नेतृत्व विकास और उद्यमिता क्षमता निर्माण पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र हुआ. कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण और अनुभव साझा करने के साथ हुआ
