
नीमच। जिले में अवैध हथियारों के काले कारोबार पर पुलिस ने बड़ा प्रहार करते हुए एक ऐसी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जहां मौत के हथियार तैयार किए जा रहे थे। मनासा पुलिस की दबिश में देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने की मशीनें बरामद होने से इलाके में हडक़ंप मच गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध नेटवर्क राजस्थान सहित आसपास के जिलों तक फैला होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हथियार फैक्ट्री का मास्टरमाइंड अभी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 अवैध देशी पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस तथा हथियार बनाने में उपयोग होने वाले कई उपकरण जब्त किए हैं। मामले में आरोपी दुर्गाशंकर सुतार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नानालाल सिकलीगर निवासी आंतरीमाता फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मनासा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम आंतरीमाता निवासी दुर्गाशंकर सुतार अवैध देशी पिस्टल लेकर मनासा की ओर आ रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी निलेश अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सारसी फंटे पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह हथियार गांव के ही नानालाल सिकलीगर से खरीदा था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दो और देशी पिस्टल बरामद कीं। इसके बाद पुलिस ने नानालाल के घर दबिश देकर अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा किया।
मौके से ग्राइंडर मशीन, लेथ मशीन, वेल्डिंग मशीन, बंदूक की नाल, ट्रिगर, मैगजीन, स्प्रिंग, हथौड़ा, प्लायर सहित हथियार बनाने में उपयोग होने वाले कई उपकरण जब्त किए गए।
एसपी राजेश व्यास ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हथियारों की सप्लाई राजस्थान सहित आसपास के जिलों तक होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और तस्करों की तलाश में जुटी हुई है।
कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया, एसडीओपी निकिता सिंह, थाना प्रभारी निलेश अवस्थी, साइबर सेल एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
