ला पाज़, 21 मई (वार्ता) बोलीविया में सड़कों को अवरुद्ध कर तथा राजधानी ला पाज़ के मध्य क्षेत्र को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष का केंद्र बना देने वाले विरोध प्रदर्शन दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गये हैं। इस बीच, अमेरिका ने इन घटनाओं को राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ परेरा की सरकार के खिलाफ ‘जारी तख्तापलट’ की प्रक्रिया करार दिया है। यह संकट राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ परेरा के सत्ता संभालने के मात्र छह माह बाद सामने आया है। उन्होंने वामपंथी मूविमिएंतो अल सोशलिस्मो (मास) के लगभग दो दशक लंबे शासन का अंत कर सत्ता हासिल की थी। बोलीविया पिछले चार दशकों के सबसे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में डॉलर और ईंधन की कमी के साथ महंगाई लगातार बढ़ रही है। यह संकट पूर्व राष्ट्रपति लुइस आर्से के कार्यकाल के अंतिम वर्षों से ही गहराने लगा था।
पूर्व राष्ट्रपति जैमे पाज़ ज़मोरा के पुत्र श्री पाज़ परेरा ने सत्ता में आने के बाद ‘आर्थिक झटका चिकित्सा’ लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब तक हालात में सुधार नहीं हुआ है और उनकी कुछ नीतियां व्यापक रूप से अलोकप्रिय साबित हुई हैं। प्रदर्शनों के जवाब में राष्ट्रपति ने बुधवार देर रात कहा कि वह मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे, लेकिन हिंसा में शामिल “उपद्रवियों” से बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने आदिवासी समुदायों, किसानों, खनिकों और अन्य श्रमिक संगठनों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने के लिए एक परिषद गठित करने की घोषणा भी की। गत नवंबर में पद संभालने के बाद पूर्व सीनेटर पाज़ परेरा के शुरुआती कदमों में अमेरिका के साथ संबंध बहाल करना भी शामिल था। अमेरिका अब इन विरोध प्रदर्शनों को उनकी सरकार के खिलाफ ‘जारी तख्तापलट’ बता रहा है।
घरेलू अशांति के साथ-साथ राष्ट्रपति पाज़ परेरा ने कोलंबिया के साथ राजनयिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। उन्होंने बुधवार को ला पाज़ स्थित कोलंबिया की राजदूत एलिजाबेथ गार्सिया को तत्काल निष्कासित करने का आदेश दिया। यह कदम कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की टिप्पणियों के जवाब में उठाया गया। अब तक इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें एक प्रदर्शनकारी की झड़पों में मौत हुई, जबकि तीन अन्य लोगों की कथित रूप से इसलिए मृत्यु हुई क्योंकि सड़क अवरोधों के कारण उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल हुए हैं और बुधवार तक देशभर में 40 से अधिक सड़क अवरोध कायम थे। अमेरिकी उपविदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने मंगलवार को कहा कि ये प्रदर्शन ‘जारी तख्तापलट’ का हिस्सा हैं। सोमवार को ला पाज़ में दंगा नियंत्रण पुलिस और राष्ट्रपति पाज़ के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटों तक झड़पें होती रहीं।
बेहतर ईंधन आपूर्ति की मांग कर रहे हड़ताली परिवहनकर्मी रोमेर काहुआजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पीछे नहीं हटती तो ‘रक्तपात’ हो सकता है।विदेश मंत्री फर्नांडो अरामायो ने प्रदर्शनकारियों पर ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने’ का आरोप लगाया। श्री पाज़ परेरा ने राष्ट्रपति भवन में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ हमें ऐसे मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करना होगा, जिसमें लोगों की बात सुनने की क्षमता हो।” उन्होंने प्रस्तावित फेरबदल का हालांकि कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया, लेकिन कहा कि नया मंत्रिमंडल ‘अधिक सक्रिय और जनता के अधिक निकट’ होगा। उन्होंने ‘आर्थिक एवं सामाजिक परिषद’ के गठन की भी घोषणा की, जो ‘संयुक्त सरकार’ के रूप में कार्य करेगी और निर्णय प्रक्रिया का समन्वय करेगी। इसमें “भाग लेना चाहने वाले सभी लोगों” को आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन ‘उपद्रवियों’ को नहीं। उन्होंने कहा, “ क्या उपद्रव स्वीकार्य है? नहीं, और मैं उपद्रवियों से बातचीत नहीं करूंगा।”

