भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर किसानों के साथ “हर स्तर पर धोखा” करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या में आई कमी और शिवपुरी जिले में गेहूं खरीदी भुगतान में कथित साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।जारी बयान में कमलनाथ ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से तीन लाख से अधिक किसानों के नाम चुपचाप हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर योजना का व्यापक प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर वास्तविक लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 में योजना के तहत लगभग 86.49 लाख किसानों को लाभ मिला था, लेकिन वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर करीब 83.01 लाख रह गई। उन्होंने कहा कि तीन लाख से अधिक किसानों को बिना पारदर्शिता के योजना से बाहर कर दिया गया है।कमलनाथ ने यह भी कहा कि 80 हजार से अधिक किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अब तक लंबित है, जबकि करीब 1.87 लाख किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होने के कारण पात्र किसानों को किस्त का भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पात्र किसानों को लंबित राशि तत्काल जारी की जाए और अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाओं के माध्यम से किसानों को परेशान करना बंद किया जाए।शिवपुरी जिले में गेहूं खरीदी भुगतान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कमलनाथ ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान किसानों के खातों में पहुंचने के बजाय संदिग्ध बैंक खातों में पहुंचने की खबरें बेहद गंभीर हैं। उन्होंने इसे साइबर धोखाधड़ी का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच तथा प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की
