रांची | झारखंड के नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का दामन थामा है। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी संगठन के 2 सदस्य शामिल हैं। इनमें आठ नक्सली ऐसे हैं जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था, और इन सभी के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में सैकड़ों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में नक्सलियों ने अपने आधुनिक हथियारों का जखीरा भी पुलिस को सौंपा है। इसमें लाइट मशीन गन (LMG), 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल और 3000 राउंड जिंदा कारतूस सहित अन्य गोला-बारूद शामिल हैं। इस बड़ी सफलता के पीछे सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग का पिछले एक महीने से चल रहा संयुक्त प्रयास है, जिसने सारंडा के जंगलों से इन नक्सलियों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 7 जोनल कमांडर, 7 एरिया कमांडर और 13 सक्रिय कैडर शामिल हैं, जो चाईबासा और गुमला जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण से राज्य में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। प्रशासन अब इन सभी के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में जुड़कर शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें।

