डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करते हुए कहा कि वे ईरान पर अमेरिकी मर्जी से चलेंगे, साथ ही उन्होंने खाड़ी देशों के कहने पर हमला टालने का खुलासा किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बहुत अच्छे इंसान है, वो ईरान को लेकर वही करेंगे जो मैं चाहूंगा। नेतन्याहू को लेकर ट्रंप के इस बयान पर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने यह बुधवार को तब दिया जब पत्रकारों ने बातचीत के दौरान उनसे ईरान के साथ चल रहे तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा। ट्रंप के इस बयान से साफ होता है कि वो मिडिल ईस्ट के मामले में खुद को सबसे ऊपर मानते हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छा नेता और ‘ग्रेट गाय’ यानी शानदार इंसान बताया। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया को एक बार फिर याद दिलाया कि नेतन्याहू एक युद्धकालीन प्रधानमंत्री रहे हैं। ट्रंप ने इजरायल में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेतन्याहू का खुलकर बचाव भी किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि, इजरायल में नेतन्याहू के साथ वैसा बर्ताव नहीं किया जा रहा जिसके वो हकदार हैं। यही वजह है कि वो कई बार नेतन्याहू के लिए माफी अपील भी कर चुके हैं।
भविष्य में इजरायल के लडूंगा चुनाव: ट्रंप
पत्रकारों से बातचीक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप माहौल को हल्का करने के लिए मजाक में कहा कि, हो सकता है कि वो भविष्य में इजरायल की राजनीति में उतर सकते हैं और प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ सकते हैं। डोनाल्ज ट्रंप ने दावा कि, इजरायल में हाल ही में हुए सर्वे में उन्हें 99 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के साथ तनाव लगातार बना हुआ है और वो इस मामले में कोई भी जल्दी बाजी नहीं कर रहे हैं।
खाड़ी देशों की अपील पर टला ईरान पर हमला
इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में ईरान पर फिर से हमले की तैयारी कर ली थी। हमले होने में कुछ ही समय बाकी था, लेकिन तभी मिडिल ईस्ट में मौजूद मित्र देशों ने उनसे हमला न करने अपील की और ईरान को बातचीत और कूटनीति का एख आखिरी मौका देने की मांग की। इसके बाद उन्होंने मित्र देशों की बात मानने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि, वो ईरान के खिलाफ विवाद को जल्दी से खत्म करने के पक्षधर हैं, लेकिन वो किसी हड़बड़ी में नहीं है। ट्रंप ने वियतनाम और अफगानिस्तान युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अमेरिका सालों तक फंसा रहा, जबकि उन्हें आए अभी सिर्फ तीन महीने हुए हैं। इस दौरान भी अधिकतर समय सीजफायर ही रहा है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस मामले में कम से कम लोगों की जान जाए।
