
ग्वालियर। दंदरौआ धाम की अलौकिक महिमा और श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा ने अब वैश्विक पटल पर अपनी जगह बना ली है। बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर धाम में सखी रूप में विराजमान ‘डॉक्टर हनुमान’ को वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया द्वारा विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया ।
इस गौरवमयी उपलब्धि की जानकारी देते हुए दंदरौआ धाम के पीठाधीश महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने बताया कि यह सब हनुमान जी की इच्छा और उनकी अद्भुत कृपा से अपने आप ही संभव हुआ है। महामंडलेश्वर ने कहा कि हमने इस सम्मान के लिए कोई प्रयास या आवेदन नहीं किया था। वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम ने स्वयं हमसे संपर्क कर बताया कि उन्होंने पूरे विश्व में खोज की है, लेकिन पूरे ब्रह्मांड में ‘डॉक्टर हनुमान’ और उनका ‘सखी स्वरूप’ कहीं और नहीं है। हनुमान जी के इस ऐतिहासिक स्थान के प्रभाव के कारण ही इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
*स्वयं चलकर आए वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के सीईओ*
इस ऐतिहासिक पल पर वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी खुद प्रमाण पत्र सौंपने दंदरौआ धाम पहुंचे। उन्होंने भावुक स्वर में पत्रकारों से कहा कि हमारी टीम बहुत कम ऐसे स्थानों पर स्वयं जाकर अवार्ड प्रदान करती है। लेकिन दंदरौआ धाम की महिमा इतनी अलौकिक है कि यहाँ आना मेरा परम सौभाग्य है। मैं यहाँ किसी औपचारिकता या आमंत्रण पर नहीं, बल्कि हनुमान जी की कृपा से खिंचा चला आया हूँ।
*वैश्विक पटल पर मिलेगी नई पहचान*
सीईओ पवन सोलंकी ने बताया कि इस प्रतिष्ठित अवार्ड के मिलने के बाद दंदरौआ धाम को वैश्विक जगत में एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी। इसके फलस्वरूप आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी। प्रेसवार्ता के अंत में वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम द्वारा पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामदास महाराज को विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण-पत्र सौंपा गया, जिसे महाराज जी ने सहर्ष स्वीकार करते हुए हनुमान जी के चरणों में समर्पित किया।
