लखनऊ, 20 मई (वार्ता) समूचे उत्तर भारत में जारी प्रचंड गर्मी से इस सप्ताह राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने समूचे उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनो तक रेड अलर्ट जारी किया है लेकिन उसके बाद भी गर्मी और लू रात दिन सतायेगी।
मौसम विभाग द्वारा बुधवार को जारी बुलेटिन के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में 24 मई तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा तथा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 24 मई के दौरान दिन के समय प्रदेश के अनेक जिलों में उष्ण लहर (लू) से भीषण उष्ण लहर चलने की आशंका है, जबकि कई स्थानों पर उष्ण रात्रि की स्थिति भी बनी रह सकती है। विभाग ने विशेष रूप से बुंदेलखंड, कानपुर मंडल, आगरा मंडल तथा पूर्वांचल के कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
पहले दिन यानी 20 मई को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं मिर्जापुर, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और मैनपुरी भी गंभीर गर्मी की चपेट में रह सकते हैं। 21 मई को भी स्थिति में विशेष सुधार के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, मथुरा, झांसी और ललितपुर सहित अनेक जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर समेत कई जिलों में सामान्य लू चलने की संभावना जताई गई है।
22 मई को भी बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में भीषण गर्मी बनी रहने का अनुमान है। बांदा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, झांसी और महोबा समेत कई जिलों में भीषण लू चल सकती है, जबकि देवरिया, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में लू का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी के कारण सभी आयु वर्ग के लोगों में हीट रैश, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से मजदूरों, किसानों, खनन श्रमिकों तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशुधन तथा खड़ी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
आईएमडी ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने तथा ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई करने और खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने को कहा गया है।
कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी का असर गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी तथा सब्जियों की फसलों पर पड़ सकता है। फसलों में नमी की कमी, फूल झड़ना, फल सिकुड़ना और उत्पादन घटने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। किसानों को मल्चिंग, हल्की सिंचाई और सूक्ष्म पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी गई है।
