नयी दिल्ली | रिलायंस समूह के अनंत अंबानी ने ‘वनतारा क्रीमरी’ ब्रांड के साथ आइसक्रीम इंडस्ट्री में आधिकारिक रूप से कदम रख दिया है। कंपनी ने शुरुआत में 17 अलग-अलग फ्लेवर बाजार में उतारे हैं। रिलायंस की विशाल रिटेल चेन और मजबूत सप्लाई चेन को देखते हुए, बाजार के पुराने खिलाड़ियों—जैसे अमूल, क्वालिटी वॉल्स और बास्किन रॉबिंस—के लिए चुनौती बढ़ना तय माना जा रहा है। कंपनी कैंपा कोल्ड ड्रिंक की तरह ही इस सेक्टर में भी अपनी पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
भारत का आइसक्रीम बाजार वर्तमान में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है, जो मात्र पांच वर्षों में लगभग दोगुना हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक यह बाजार 65,780 करोड़ रुपये और 2034 तक 1.19 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। आइसक्रीम अब केवल मौसमी उत्पाद नहीं रही, बल्कि साल भर बिकने वाले प्रमुख डेयरी उत्पाद में बदल चुकी है। बढ़ती आय, आधुनिक लाइफस्टाइल और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने इसकी पहुंच और मांग को नई रफ्तार दी है।
इस तेजी के पीछे भारत का विशाल डेयरी सेक्टर एक प्रमुख शक्ति है, जो कच्चा माल आसानी से उपलब्ध कराता है, जिससे उत्पादन लागत नियंत्रित रहती है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में प्रीमियम आइसक्रीम की भारी मांग है, जो कंपनियों के लिए मुख्य बाजार बना हुआ है। इसके अलावा, सरकारी स्तर पर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिल रहे प्रोत्साहन और पीएलआई (PLI) स्कीम के निवेश ने इस उद्योग को आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में बड़ी मदद की है, जिससे यह सेक्टर भविष्य में और तेजी से बढ़ने को तैयार है।

