नई दिल्ली | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति पुतिन इस वैश्विक आयोजन में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के पास वर्तमान में ब्रिक्स की अध्यक्षता है और वह इस महत्वपूर्ण वार्षिक सम्मेलन का मेजबान है। राष्ट्रपति का यह दौरा भारत-रूस के बीच रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक होने की भी योजना है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि यह समूह अब दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी और 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है। पुतिन की भारत यात्रा और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा का मंच प्रदान करेंगी।
इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन मंगलवार को चीन के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के तुरंत बाद हो रहा है। बीजिंग में पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और पारस्परिक हित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह पुतिन की चीन की 25वीं यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच की घनिष्ठ रणनीतिक मित्रता और तालमेल को रेखांकित करती है। भारत में होने वाले ब्रिक्स समिट से पहले रूस और चीन के बीच का यह संवाद वैश्विक राजनीति में नई दिशा तय कर सकता है।

