अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत का दौरा करेंगे। इस यात्रा में क्वाड, रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सुरक्षा के अहम मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो 23 मई से चार दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर आने वाले हैं। वाशिंगटन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रुबियो पहले स्वीडन जाएंगे और फिर वहां से भारत के लिए प्रस्थान करेंगे। मार्को रुबियो का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है जिसे लेकर दोनों देशों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच क्वाड अलायंस और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रमुख रूप से चर्चा की जाएगी।
रुबियो अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान 23 से 26 मई तक भारत के अलग-अलग शहरों में जाने वाले हैं। भारत प्रवास के दौरान वे कोलकाता, आगरा, जयपुर और राजधानी नई दिल्ली का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। अमेरिका और भारत इस यात्रा के जरिए अपने बढ़ते कूटनीतिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही इस दौरे में चीन के प्रभाव और मध्य पूर्व की चुनौतियों पर भी दोनों देश गंभीरता से चर्चा करेंगे।
भारत आने से पहले मार्को रुबियो का नाटो और स्वीडन दौरा
भारत आने से पहले 22 मई को रुबियो स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में नाटो के विदेश मंत्रियों की एक अहम मीटिंग में भाग लेंगे। वहां वे आर्कटिक सात देशों के समकक्षों से मुलाकात करेंगे और साझा आर्थिक और सुरक्षा हितों पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। इसके अलावा वे स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत भी करने वाले हैं।
भारत में मार्को रुबियो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस यात्रा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रुबियो का बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत किया है। यह दौरा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मध्य पूर्व में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षा और नई तकनीक पर तालमेल बढ़ाने पर केंद्रित है।
क्वाड बैठक में होंगे शामिल
नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठकों के अलावा मार्को रुबियो भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया वाले क्वाड अलायंस की मीटिंग में भी हिस्सा लेंगे। अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम के अध्यक्ष मुकेश अघी ने क्षेत्रीय चुनौतियों को देखते हुए इस दौरे के समय को दोनों देशों के लिए बेहद अहम बताया है। मध्य पूर्व की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट की समुद्री सुरक्षा चिंताओं के समाधान के लिए क्वाड को फिर से सक्रिय करना बहुत जरूरी माना जा रहा है।
