सतना :शहर से सटे क्षेत्र सतनी नदी के निकट अमरपाटन रोड पर स्थित विद्याश्री राइस ब्रॉन ऑयल मिल में रविवार की रात 6 बजे भडक़ी भीषण आग सोमवार की सुबह 11 बजे तक बुझाई जा सकी. वहीं घटना के 8 घंटे बाद किसी तरह समझा-बुझाकर अमरपाटन मार्ग पर लगे चक्काजाम को खुलवाया जा सका. इसी कड़ी में फैक्ट्री के मृत कर्मचारी का पोस्टमार्टम कराने के बाद भी उपजे गतिरोध को किसी तरह दूर करते हुए शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया.
अमरपाटन मार्ग पर स्थित विद्याश्री राइस ब्रॉन आयल मिल में रविवार को भडक़ी आग की वजह से एक ओर जहां कर्मचारी दिलावर सिंह परिहार की दर्दनाक र्मौत हो गई थी वहीं दूसरा कर्मचारी मुन्नू केवट बुरी तरह से झुलस गया था. जिसका उपचार फिलहाल जिला चिकित्सालय में जारी है. घटना की भयानकता को देखते हुए एक ओर जहां नगर निगम के दमकल वाहन और फायर फाइटर्स द्वारा आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरु कर दिया गया था. वहीं दूसरी ओर घटना से उपजे जबरदस्त आक्रोश को संभालने के लिए प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद हो गया था.
इसी कड़ी में कर्मचारी की मौत को लेकर परिजन सहित ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए अमरपाटन मार्ग को बाधित कर दिया गया. हलांकि पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़ी मशक्कत करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया जाता रहा. लेकिन मामले का हल नहीं निकला. भोर के लगभग 4 बजे प्रशासन और परिजनों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि मृतक दिलावर के परिजनों को 15 लाख का मुआवजा और रेडक्रॉस की ओर 25 हजार की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इसी कड़ी में घटना में घायल मुन्नू केवट के संपूर्ण उपचार का खर्च वहन किया जाएगा.
जिसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. हलांकि जिला चिकित्सालय में हुए पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों से शव लेने से इंकार कर दिया. लेकिन जब मुआवजे की राशि खाते में पहुंचने से संबंधित गफलत कोतवाली थाना प्रभारी की मौजूदगी में दूर हुई तो परिजन शव लेने के लिए राजी हो गए. मिल में पानी तक नहीं मिलाविद्याश्री राइस ब्रॉन ऑयल मिल में रविवार की रात जब भीषण आग भडक़ी को तो वहां पर आग को बुझाने के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं था.
इतना ही नहीं बल्कि वहां पर मौजूद कोई भी फायर सुरक्षा उपकरण चालू हालत में नहीं था. लिहाजा स्पष्ट है कि मिल बिना किसी फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित थी. जिसके चलते समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका और उसने भयावह रुप ले लिया. शहर के तीनों फायर स्टेशन में मौजूद दमकल वाहन और 2 शिफ्ट के फायर फाइटर्स पूरी रात आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे. यहां तक की मौके पर 2 जेसीबी भी बुलानी पड़ी. नगर निगम के अग्रिशमन दस्ते द्वारा घटनास्थल पर पहुंच कर घटना से जुड़े कारणों की जांच की जाएगी. इसी कड़ी में आग बुझाने में नगर निगम द्वारा किए गए खर्च को वसूलने के लिए संचालक को नोटिस भी जारी की जाएगी.
