जबलपुर: आगामी मानसून के सीजन को देखते हुए नगर निगम ने अब कमर कस ली है। निगमायुक्त ने नवभारत को बताया कि शहर में कुल 160 के आसपास बड़े नाले और नालियां मौजूद है। जिनकी सफाई अब शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि निगम द्वारा एक टीम बनाई गई है जो नालों की सफाई लगातार कर रही है। निगमायुक्त के अनुसार ओमती नाले, पुराना बस स्टैंड सहित अन्य इलाकों में सफाई शुरू की जा रही है। वही विभिन्न वार्डों में छोटी नालियों की नियमित सफाई भी कराई जा रही है। निगम ने जलभराव से बचाव के लिए दोतरफा रणनीति अपनाई है, जिसमें मुख्य नालों से सिल्ट, मलवा और कचरा जेसीबी से हटाया जा रहा है, जबकि संकरे हिस्सों में श्रमिक प्लास्टिक व ठोस कचरा भी निकाल रहे हैं।
निरीक्षण कर किए चिन्हित, कार्यवाही जल्द
मानसून आने से पहले नगर निगम शहर के बड़े नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गया है। इसी कड़ी में निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम की टीम शहर के वार्डो का निरीक्षण कर रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम के द्वारा 19 नालों को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया है। वहीं शहर के 25 अन्य नालों पर जमे अतिक्रमण को भी चिन्हित कर लिया है। निगमायुक्त ने नवभारत को बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन भी नालों की स्थिति बेहद खराब मिल रही है उन्हें चिन्हित कर साफ किया जा रहा है। बता दे कि नाले पर अतिक्रमण और कचरे के अंबार होने के कारण पानी का बहाव पूरी तरह बाधित हो जाता है।नगर निगम की टीम ने दावा किया कि मानसून से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी ताकि बारिश के दौरान जल जमाव की समस्या को कम किया जा सके।
लोगो से की अपील
बता दे की मॉनसून सीजन में अत्यधिक वर्षा होने के कारण शहर के नाले उफान पर आ जाते हैं। जिससे कई बार बाढ़ की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। ऐसे में निगमायुक्त ने मानसून आने के पहले से ही स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल शहर के नालों की सफाई कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी में नाले के ऊपर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाया जाएगा ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। निरीक्षण के वक्त उनके साथ नगर निगम की सफाई टीम और अन्य कर्मी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने नाले की चौड़ाई, जल प्रवाह और अतिक्रमण की स्थिति का जायजा भी लिया था। वही निगमायुक्त ने लोगों से अपील की कि नालों में कचरा न फेंकें और जल निकासी मार्ग को बाधित न करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नालों पर अतिक्रमण किया गया तो नगर निगम अधिनियम के तहत संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चरमरा जाती है व्यवस्था
निगमायुक्त ने नवभारत को बताया कि नाले में लगातार कचरा फेंके जाने के कारण जल निकासी व्यवस्था चरमरा जाती हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान यही समस्या पूरे शहर में जल जमाव का बड़ा कारण बनती है। कई मोहल्लों में सड़क और घरों तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इनका कहना है
शहर के नाले नालियों की सफाई नगर निगम के द्वारा मानसून के पहले पूरा कर लिया जाएगा। नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाने का कार्य भी जोर शोर से किया जा रहा है।
रामप्रकाश अहिरवार, कमिश्नर, नगर निगम जबलपुर
