
सिंगरौली । देवसर विधानसभा क्षेत्र के सरई रेलवे स्टेशन में कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग से बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 को अस्थायी कोलयार्ड में तब्दील किए जाने से पूरे स्टेशन परिसर और आसपास के कस्बे का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है।
रेलवे स्टेशन के आसपास कोयले की धूल और काली परतें जमा हो गई हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम गत दिवस सरई रेलवे स्टेशन पहुंचे और प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर संचालित कोलयार्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा मौके की स्थिति का जायजा लिया।
24 घंटे चलता रहता है कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग
निरीक्षण के दौरान मंडल अध्यक्ष रामधनी यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पार्षद रमापति जायसवाल, गुलाब बैस सहित बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि दिन-रात चल रही कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग के कारण पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में है। स्टेशन परिसर में यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और आसपास के घरों में भी कोयले की धूल पहुंच रही है। ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि प्लेटफॉर्म नंबर 2 से तत्काल कोलयार्ड हटाकर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े जनआंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें निरीक्षण के बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
