
बैतूल। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में प्रभारी मंत्री ने स्वयं नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान आमला तहसील के ग्राम अंधारिया निवासी रामकिशोर ने भूमि सीमांकन से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर प्रभारी मंत्री ने आमला एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। शाहपुर क्षेत्र के भयावाड़ी में नदी से अवैध उत्खनन की शिकायत पर शाहपुर एसडीएम को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं बैतूल तहसीलदार द्वारा पट्टे की भूमि पर बने मकान को तोड़े जाने की शिकायत पर बैतूल एसडीएम को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अन्य आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुलताई तहसील के बिरुल बाजार निवासी सुदर्शन ने भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर सीमांकन कराने के आदेश दिए गए। बैतूल के टिकारी क्षेत्र निवासी राधाबाई यादव ने बिना सीमांकन भूमि पर निर्माण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शंकरलाल सोनी ने पट्टा नवीनीकरण की मांग की, जबकि चिखलीमाल निवासी सुभाष यादव ने हैंडपंप स्वीकृत करने का आवेदन दिया।
इसके अलावा मरामझिरी निवासी रामचरित यादव ने फसल नुकसान की शिकायत की, फुलबेरिया निवासी रुद्र सरकार ने ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया तथा मुलताई निवासी योगेश पाटनकर ने जल योजना के तहत खुदी नाली को समतल नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और अपर कलेक्टर वंदना जाट ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
