रीवा: शहर के वार्ड क्रमांक 6 स्थित 12 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पुन: भूमि पूजन का मामला थमने का नाम नही ले रहा है. नगर निगम रीवा महापौर अजय मिश्रा बाबा ने अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास को पत्र लिखकर वस्तुस्थित से अवगत कराया है.ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर महापौर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित एसटीपी जिसका भूमि पूजन वर्ष 2013 एवं लोकार्पण 2016 में हो चुका है. लेकिन पुन: भूमि पूजन किया जाना अपने आप में एक सवाल है. एसटीपी निर्माण प्रारंभ होने के समय नगर निगम में शैलेन्द्र शुक्ला कार्यपालन यंत्री पदस्थ थे.
इसके पश्चात पीएचई विभाग से योजना जब नगर निगम को हस्तान्तरित हुई तो निविदा कार्य व विखंडन तक वही निर्माण शाखा के प्रमुख रहे है. परंतु एसटीपी को न तो हस्तान्तरण कराया जा सका और न ही चालू किया गया. वर्ष 2016 से 22 तक के.के स्पन 199.37 करोड़ में मात्र 29.44 करोड़ का कार्य किया. इसके विपरीत अधिकार से परे जाकर आयुक्त स्तर पर के.के स्पन को ब्लैक लिस्टेड करने की स्वीकृत दिला दी गई. उक्त त्रुटि को मेरे एमआईसी द्वारा समाधानकारक प्रस्ताव पारित कर सुधारा गया.
महापौर ने उल्लेख किया कि उक्त जीर्णोद्धार कार्य की अनुमानित लागत तकनीकी एवं वित्तीय प्रशासकीय स्वीकृत की तिथि एवं समक्ष अधिकारी का अनुमोदन पत्र उपलब्ध नही कराया गया. ठेकेदार के अनुबंध में केवल संचाल प्रारंभ करने का प्रावधान है नवीन निर्माण का नही है. बैलेंस वर्क में कोई भी परिवर्तन एमआईसी की अनुसंशा एवं शासन की स्वीकृत के बिना किया जाना नियमो के विरूद्ध एवं अनियमितता के श्रेणी में आता है. एक ही कार्य का बार-बार भूमि पूजन-लोकार्पण करने से विश्वसनीता पर प्रश्न उठता है जिसका प्रतिकूल प्रभाव जनप्रतिनिधि, महापौर, पार्षदों पर पड़ता है. महापौर ने अपने पत्र में सुझाव के साथ अनुबंध एवं व्यय का विवरण मांगा है और मितव्ययिता का उल्लंघन बताया है
