वाशिंगटन। भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिका में चल रहे बहुचर्चित आपराधिक मामले में बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी न्याय विभाग ने दोनों के खिलाफ लगाए गए सभी आपराधिक आरोप वापस ले लिए हैं, जिसके बाद न्यूयॉर्क की अदालत में लंबित सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड से जुड़ा मामला स्थायी रूप से बंद हो गया है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि वह इस प्रकरण पर आगे संसाधन खर्च नहीं करना चाहता। इसके बाद अदालत ने आरोपपत्र को डिसमिस्ड विद प्रेजुडिस घोषित कर दिया। कानूनी रूप से इसका अर्थ है कि अब इसी मामले को दोबारा नहीं खोला जा सकेगा।
यह मामला वर्ष 2024 के आखिर में सामने आया था। जांच एजेंसियों का आरोप था कि अदाणी समूह ने भारत में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत योजना चलाई और इससे जुड़ी जानकारी अमेरिकी निवेशकों से छिपाई गई। हालांकि, समूह ने शुरू से ही सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
अदाणी पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी थी कि पूरा विवाद भारत से संबंधित है और अमेरिकी कानूनों का इस प्रकार इस्तेमाल अधिकार क्षेत्र से बाहर माना जाना चाहिए।
मामले से जुड़े अन्य प्रकरणों में ईरान प्रतिबंधों से जुड़े एलपीजी आयात आरोपों के तहत ओएफएसी केस का निपटारा 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते से हुआ। वहीं, अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) की सिविल कार्रवाई में निवेशकों को जानकारी देने से जुड़े आरोपों पर गौतम अदाणी ने 60 लाख डॉलर और सागर अदाणी ने 1.2 करोड़ डॉलर भुगतान करने पर सहमति दी, हालांकि दोनों ने किसी भी प्रकार की गलती स्वीकार नहीं की।
