गोथनबर्ग (स्वीडन) | भारत और स्वीडन ने अपने राजनयिक संबंधों को एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई प्रदान करते हुए आपसी रिश्तों को पूर्ण ‘सामरिक साझेदारी’ में बदलने का आधिकारिक ऐलान किया है। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के विशेष निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के गोथनबर्ग शहर पहुंचे, जहां दोनों वैश्विक नेताओं के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर व्यापक कूटनीतिक चर्चा हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने इस नई साझेदारी को अमलीजामा पहनाने के लिए एक व्यापक ‘संयुक्त कार्य योजना 2026-2030’ को मंजूरी दी है। यह ऐतिहासिक कार्य योजना मुख्य रूप से चार मजबूत स्तंभों पर टिकी है, जिसमें स्थिरता व सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद, अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती प्रौद्योगिकियां और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कल का एक साथ निर्माण करना शामिल है।
शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने आगामी पांच वर्षों के भीतर अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने का एक साझा व बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस कूटनीतिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और स्वीडन के ‘मेड विद स्वीडन’ अभियानों को एकीकृत किया जाएगा, साथ ही तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वीडन-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर’ (SITAC) की शुरुआत की गई है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की वैश्विक साख को स्वीकार करते हुए स्वीडन ने इसरो (ISRO) के साथ मिलकर भारत के आगामी ‘वीनस ऑर्बिटर मिशन’ (शुक्र मिशन) पर एक साथ काम करने की घोषणा की है, जिसमें स्वीडन के ‘एसरेंज स्पेस सेंटर’ की अहम भूमिका होगी। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन से निपटने और भारी उद्योगों को कार्बन मुक्त करने के लिए दोनों देशों ने वैश्विक आंदोलन के नए चार वर्षीय चरण की घोषणा की है, जिसे आगामी COP31 में संयुक्त रूप से पेश किया जाएगा।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमा पार आतंकवाद सहित हर प्रकार के हिंसक उग्रवाद की कड़े शब्दों में निंदा की और संयुक्त बयान में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का विशेष उल्लेख करते हुए आतंकी सुरक्षित पनाहगाहों को पूरी तरह नष्ट करने का आह्वान किया। आतंकवाद के वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) को रोकने के लिए दोनों देशों ने यूएन और एफएटीएफ (FATF) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर कड़े कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। वैश्विक स्तर पर स्वीडन के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के दावे का पुरजोर समर्थन किया है। इस सफल दौरे के बाद, अब दोनों शीर्ष नेता 19 मई 2026 को ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेकर अपने क्षेत्रीय कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।

