वाशिंगटन, 23 मई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक बैठक में ईरान युद्ध पर चर्चा की और संकेत दिया कि अगर वार्ता विफल रहती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य हमलों को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि श्री ट्रंप इस्लामिक गणराज्य के साथ बातचीत में प्रगति में कमी से तेजी से निराश हो रहे हैं और अगर अंतिम समय में कोई राजनयिक सफलता नहीं मिलती है तो वह सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं क्योंकि फिलहाल राजनयिक सफलता असंभव लग रहा है।
व्हाइट हाउस में सुरक्षा बैठक शुक्रवार को हुई। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को सुधारने एवं युद्ध को फिर से शुरू होने से रोकने के अंतिम प्रयास में इस्लामिक गणराज्य की यात्रा की।
पाकिस्तान के साथ-साथ कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी शुक्रवार को मध्यस्थता प्रयासों में सहयोग देने के लिए ईरान पहुंचा हालांकि कूटनीति सफलता की संभावना बहुत कम दिख रही है।
इस बीच श्री ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर घोषणा की कि वह अपने बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की शादी में शामिल नहीं होंगे क्योंकि उनके पास कुछ अत्यावश्यक सरकारी जिम्मेदारियां हैं। श्री ट्रंप ने लिखा, “मुझे लगता है कि इस महत्वपूर्ण समय में मेरे लिए व्हाइट हाउस में रहना जरूरी है।”
राष्ट्रपति के करीबी सूत्रों ने बताया कि श्री ट्रंप पिछले कुछ दिनों में बातचीत से लगातार असंतुष्ट होते जा रहे थे। गत मंगलवार को उन्होंने कथित रूप से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि वे कूटनीति को एक और मौका देना चाहते हैं, हालांकि गुरुवार रात तक वे और भी निराश नजर आने लगे और सैन्य कार्रवाई की ओर उनका ज्यादा झुकाव दिखने लगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि बातचीत जारी है लेकिन अभी तक किसी समझौते की कोई संभावना नहीं है। ईरान की अर्ध-सरकारी तसनीम न्यूज एजेंसी ने तेहरान की वार्ता टीम के करीबी एक सूत्र के हवाले से कहा कि विवादित मुद्दों पर चर्चा अभी भी जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान का तात्कालिक ध्यान केवल युद्ध समाप्त करने पर है और इन उद्देश्यों की प्राप्ति तक किसी भी व्यापक मुद्दे पर चर्चा करने की कोई योजना नहीं है। पिछले छह हफ्तों में कई बार ऐसा लगा कि राष्ट्रपतिट्रंप सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के करीब हैं लेकिन उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए। हालांकि वार्ता में शामिल कुछ अधिकारियों का अब भी मानना है कि अगले 24 घंटों में किसी महत्वपूर्ण सफलता की थोड़ी सी संभावना अभी भी बनी हुई है।
