तिरुवनंतपुरम | केरल की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हो गई है, जहाँ वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। सोमवार सुबह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और विशाल सार्वजनिक समारोह में राज्यपाल राजेंद्र वी आर्लेकर ने वीडी सतीशन और उनकी पूरी कैबिनेट को पद की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के दिग्गज नेता पिनाराई विजयन का पिछले दस वर्षों से चला आ रहा शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया और एक दशक बाद राज्य की सत्ता की कमान अपने हाथों में वापस ली।
सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह में देश भर के प्रमुख विपक्षी नेताओं और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का कूटनीतिक महाजुटान देखने को मिला। नए मुख्यमंत्री के हौसलाअफजाई के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे विशेष रूप से समारोह में उपस्थित रहे। उनके अलावा विभिन्न कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, गठबंधन दलों के प्रमुख नेता और हजारों की संख्या में आए समर्थक इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। पूरे स्टेडियम में कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और चारों तरफ पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ नए मुख्यमंत्री के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई।
शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के तुरंत बाद नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए डिजिटल मीडिया के माध्यम से अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केरल के समग्र आर्थिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक दशक बाद सत्ता में लौटी यूडीएफ सरकार के सामने राज्य के वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने और पिनाराई विजयन के मजबूत प्रशासनिक ढांचे के बीच खुद को साबित करने की एक बड़ी और कूटनीतिक चुनौती होगी।

