अशोकनगर: जिले में आभा आईडी कार्ड बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन इसके तौर-तरीकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकार द्वारा यह कार्ड निशुल्क बनाए जा रहे हैं, बावजूद इसके लोगों से प्रिंट देने के नाम पर रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला वार्ड क्रमांक 16 स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में सामने आया, जहां नगरपालिका का आईडी कार्ड लगाए एक युवक और युवती आभा आईडी बनाकर लोगों से 30-30 रुपये लेते नजर आए।
गौरतलब है कि आभा कार्ड आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत जारी किया जाता है। यह 14 अंकों का विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान नंबर होता है, जिससे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड जैसे डॉक्टर की पर्ची, लैब रिपोर्ट और चिकित्सा इतिहास डिजिटल रूप से संग्रहीत कर सकता है।
इस घटना के बाद स्थिति और भी संदिग्ध हो गई जब मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोद उन्नीतान ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई कार्ड नगरपालिका द्वारा जारी ही नहीं किया गया है। वहीं पार्षद राशिद खान चिन्ना ने बताया कि वार्ड में लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से उन्होंने इन लोगों को आभा कार्ड बनाने का काम सौंपा था।
लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा जब इस सेवा को निशुल्क बताया जा रहा है, तब प्रिंट के नाम पर रुपये वसूलना गलत है।
