बेगमगंज: सुल्तानगंज- बेगमगंज- हैदरगढ़ होते हुए विदिशा तक बनने वाले 42 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 180 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना तीन साल बाद भी अधूरी पड़ी है और निर्माण कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। सबसे बड़ा विवाद बीना नदी पर बन रहे पुल के एप्रोच मार्ग में मुरम की जगह काली मिट्टी भरने को लेकर खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का आरोप है कि पुल के दोनों ओर 100 से 200 मीटर लंबी एप्रोच सड़क में नियमों के विपरीत काली मिट्टी डाली जा रही है, जबकि सड़क निर्माण और पुल एप्रोच में इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार काली मिट्टी बारिश में पानी सोखकर फूल जाती है और सूखने पर सिकुड़ती है, जिससे सड़क धंसने, दरारें आने और भारी वाहनों के दबाव में मार्ग बैठने का खतरा बना रहता है।
बताया गया कि बीना बहुउद्देशीय परियोजना के तहत इस वर्ष क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पानी भराव की संभावना है। ऐसी स्थिति में एप्रोच निर्माण में मुरम, कोपरा या एनटीपीसी की राखड़ उपयोग करने का प्रावधान है, लेकिन विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।गौरतलब है कि ईदगाह के पास बने पुराने बीना नदी पुल का एप्रोच मार्ग पिछले वर्ष बारिश में धंसकर टूट चुका है। उस समय भी एप्रोच में काली मिट्टी उपयोग करने के आरोप लगे थे, जिससे कई दिनों तक यातायात बाधित रहा था। अब फिर उसी तरह का निर्माण किए जाने पर लोगों में नाराजगी है।
सड़क निर्माण एजेंसी श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर ने वर्ष 2023 में इस परियोजना का ठेका लिया था। स्थानीय विधायक देवेंद्र पटेल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विधानसभा में दो बार सवाल उठाए, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डामर उखड़ने लगा है और सीसी सड़क में भी दरारें दिखाई देने लगी हैं।
विधायक देवेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण परियोजना समय सीमा पार कर चुकी है, लेकिन अब भी गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य जारी है। वहीं विभागीय अधिकारी केवल नोटिस देकर औपचारिकता निभा रहे हैं और निगरानी कंसल्टेंसी के भरोसे छोड़ दी गई है।
