सतना : किसानों के नाम पर बहुत कुछ करने वाली व्यवस्था के हाथ के नीचे नकली रसायन नकली बीच और नकली खाद के बाद एक बार फिर नकली उर्वरक (खाद) के अवैध कारोबार करने वाले के खिलाफ प्रशासन ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है.जांच दल को कार्यवाही के दौरान मृदा कल्प लश पोटाश डेराइव्स के 8 बैग बिना सिलाई के खुले मिले।मौके पर लगभग 20 बैग खुला हुआ खाद का ढेर पाया गया। वहीं नामी कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी के संकेत देते हुए भारत डीएपी के 8 खाली बैग और भारत एनपीके 20:20:0:13 पीपीएल के 12 बैग खाली बरामद किए गए।
जबकि केशरवानी ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर प्रिन्स गुप्ता मौके से फरार रहे.प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि केशरवानी ट्रेडर्स के उर्वरक लाइसेंस की वैधता पहले ही समाप्त हो चुकी थी। वैधता खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से खाद का भंडारण और पैकिंग करना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिन्स गुप्ता के खिलाफ थाना रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है
प्रशासन ने क्षेत्र के सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि वे ई-विकास प्रणाली के नियमों के तहत ही खाद की बिक्री सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में किसी भी विक्रेता के पास कालाबाजारी, नकली खाद की मिक्सिंग या बिना लाइसेंस के व्यापार जैसी अनियमितता पाई जाती है, तो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले भी दर्ज हुई थी प्राथमिकी
किसानों के साथ हो रहे खेल और खिलाड़ियों को जानने के बावजूद खानापूर्ति के लिए कार्यवाही करने वाले प्रशासनिक तंत्र ने इसके पहले भी तीन एफ आई आर दर्ज कराई गई थी.10 अगस्त 24 को नकली खाद की बोरी बड़े पैमाने पर पकड़े जाने के बाद सिंधी कैम्प स्थित प्रेस संचालक के विरुद्ध कार्यवाही हुई थी पर हुआ कुछ नही.इसके बाद 20 जनवरी 25 में नकली पेस्टिसाइड की फैक्ट्री पकड़ी गई कोई आरोपी नही मिला.इसके अलावा एक और मामला प्रकाश में आया था.उसके विरुद्ध भी कोई कार्यवाही नही हुई
