
बैतूल। शहर में वर्षों से विवादों में रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नगर पालिका ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर की 118 अवैध कॉलोनियों में नियमानुसार छोड़ी जाने वाली 10 प्रतिशत खुली भूमि को नगर पालिका अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया में जुट गई है। जिन कॉलोनियों में यह भूमि नहीं छोड़ी गई है, वहां कॉलोनाइजरों और डेवलपर्स से जुर्माना वसूला जाएगा। इस कार्रवाई के बाद कॉलोनियों में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली और उद्यान जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नवनीत पांडेय ने आज बताया कि लंबे समय से लंबित इस मामले को अब प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, इसलिए नियमानुसार भूमि और शुल्क प्राप्त कर विकास कार्य कराए जाएंगे।
नगर पालिका के अनुसार, वर्ष 2016 से पहले विकसित 93 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया है। इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए 12 मई 2025 को अंतिम अधिसूचना प्रकाशित की गई थी लेकिन इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इन कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए 106 करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता आंकी गई है। नियमानुसार विकास शुल्क का 50 प्रतिशत हिस्सा भूखंड स्वामियों या प्लॉटधारकों से लिया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि नगर पालिका वहन करेगी।
इसके अलावा वर्ष 2016 के बाद और 2022 से पहले विकसित 25 अन्य कॉलोनियों का सर्वेक्षण जारी है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद इन कॉलोनियों पर भी वैधीकरण और विकास की प्रक्रिया लागू की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि जिन कॉलोनियों में सड़क, नाली, पार्क, जलापूर्ति और विद्युत जैसी सुविधाएं विकसित नहीं की गई हैं, वहां शेष भूमि को राजसात कर उसकी नीलामी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त धनराशि से आवश्यक विकास कार्य कराए जाएंगे।
नगर पालिका ने अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में भी कदम उठाया है। इसके लिए जिला पंजीयक को रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नामांतरण रोकने के लिए पत्र भेजे गए हैं। साथ ही इन क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति भी फिलहाल नहीं दी जा रही है।
शहर में सबसे अधिक 34 अवैध कॉलोनियां टिकारी क्षेत्र में हैं। इसके अलावा हमलापुर में 18, खंजनपुर में 15, बदनूरढाना में 14, गौठाना में 11 और खकरा जामठी में एक कॉलोनी चिन्हित की गई है। कई कॉलोनियों में पार्क या सार्वजनिक उपयोग के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, जबकि कुछ जगहों पर पूरी जमीन पहले ही प्लॉट के रूप में बेची जा चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की जमा-पूंजी खर्च कर प्लॉट खरीदे और मकान बनाए, लेकिन कॉलोनियों के अवैध घोषित होने के कारण आज भी सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
राजनीतिक रूप से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बैतूल विधानसभा क्षेत्र, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल करते हैं, में वर्षों से अवैध कॉलोनियों का मुद्दा अनसुलझा बना हुआ है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो हजारों लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में नहीं पड़ती।
