भभुआ, (वार्ता) बिहार में कैमूर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए जिले में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और पशु संरक्षण को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला पदाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा विभाग से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की।समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के भभुआ, मोहनियां, कुदरा, हाटा और रामगढ़ नगर निकायों में कुल 136 पियाउ केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने अब तक 1014 खराब चापाकलों की मरम्मत कराई है तथा 29 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। नगर परिषद भभुआ में 26 जलापूर्ति योजनाओं के जरिए लोगों तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है।
लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए जिले में विशेष हीट वेव वार्ड बनाए गए हैं, जहां 33 बेड, छह एसी और 18 कूलर की व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल जिले में लू से ग्रसित मरीजों की संख्या शून्य है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस पैकेट और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
पशुओं के लिए 21 कैटल ट्रफ चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 15 क्रियाशील हैं। वहीं पशुओं के इलाज के लिए 43 प्रकार की दवाओं का भंडारण किया गया है। मोबाइल वेटनरी यूनिट द्वारा 26 अप्रैल से 12 मई के बीच 1876 पशुओं का इलाज किया गया।
प्रशासन ने बताया कि आगजनी और डूबने जैसी आपदाओं में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। आगजनी से प्रभावित 45 लाभार्थियों को नकद, खाद्यान्न और वस्त्र-बर्तन मद में सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।
जिला प्रशासन ने लोगों से दोपहर में अनावश्यक बाहर नहीं निकलने तथा लू से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06189-223445 पर संपर्क किया जा सकता है।
