लंदन | लंदन में आयोजित ‘द हंड्रेड 2026’ के ऑक्शन में गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला देखने को मिला। सनराइजर्स हैदराबाद की मालिक काव्या मारन के नेतृत्व वाली टीम ‘सनराइजर्स लीड्स’ ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को £190,000 (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया है। यह कदम इसलिए चर्चा में है क्योंकि द हंड्रेड की आठ में से चार फ्रेंचाइजी के मालिक भारतीय हैं और कयास लगाए जा रहे थे कि आईपीएल और राजनीतिक तनाव के चलते भारतीय मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे। हालांकि, काव्या मारन ने अबरार को खरीदकर इन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों को गलत साबित कर दिया है।
ऑक्शन टेबल पर काव्या मारन टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी के साथ मौजूद थीं। सनराइजर्स लीड्स, जिसकी कप्तानी इंग्लैंड के हैरी ब्रूक करेंगे, ने अबरार अहमद की हालिया फॉर्म और उनके मिस्ट्री स्पिन को देखते हुए यह बड़ा निवेश किया है। अबरार का टी20 रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली है, जहां उन्होंने 38 मैचों में 17.36 की औसत और 6.67 की शानदार इकोनॉमी रेट से 52 विकेट चटकाए हैं। हालिया टी20 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने पाकिस्तान के लिए बेहतरीन गेंदबाजी की थी। अबरार के अलावा पाकिस्तान के उस्मान तारिक को भी बर्मिंघम फीनिक्स ने अपनी टीम में जगह दी है।
2008 के मुंबई हमलों के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल से प्रतिबंधित हैं, लेकिन विदेशी लीगों में भारतीय मालिकों द्वारा उन्हें खरीदे जाने पर कोई कानूनी रोक नहीं है। द हंड्रेड में मुंबई इंडियंस (MI लंदन), लखनऊ सुपर जायंट्स (मैनचेस्टर सुपर जायंट्स) और दिल्ली कैपिटल्स (सदर्न ब्रेव) के मालिकों ने भी टीमें खरीदी हैं। सनराइजर्स लीड्स के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या आने वाले समय में अन्य भारतीय मालिक भी विदेशी लीगों में पाकिस्तानी टैलेंट का उपयोग करेंगे। इस ऑक्शन के लिए कुल 13 पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सूची तैयार की गई थी।

