
रीवा। नगर निगम रीवा के वार्ड क्रमांक 06 स्थित 12.5 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पुन: भूमि पूजन को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं. एक ही परियोजना का बार-बार भूमि पूजन और लोकार्पण किए जाने को लेकर रीवा महापौर अजय मिश्रा बाबा ने सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही आयुक्त को पत्र लिखकर 7 दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है.
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित इस एसअीपी परियोजना का प्रथम भूमि पूजन वर्ष 2013 में किया गया था. इसके बाद निर्माण पूर्ण होने पर वर्ष 2016 में लोकार्पण भी हो चुका है. तत्कालीन रीवा विधायक एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला द्वारा इसका लोकार्पण भी किया जा चुका है. ऐसे में पहले से निर्मित एवं लोकार्पित परियोजना के लिए पुन: भूमिपूजन कार्यक्रम प्रस्तावित किए जाने का औचित्य ही क्या है. निगम आयुक्त को लिखे पत्र में महापौर ने कहा कि
संबंधित ठेकेदार के अनुबंध में केवल एसटीपी की कमिशनिंग का प्रावधान है, किसी नए निर्माण कार्य का उल्लेख नहीं है. वहीं नगर निगम की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिना सक्षम स्वीकृति के नए कार्य कराए जाने को भी वित्तीय अनियमितताओं के विपरीत बताया जा रहा है. प्रारंभिक योजना में यह परियोजना वार्ड क्रमांक 06 में प्रस्तावित नहीं थी, लेकिन बाद में इसका निर्माण झिरिया क्षेत्र में कराया गया, जिसे डूब क्षेत्र माना जाता है. आरोप है कि यह एसटीपी दो बार पूरी तरह जलमग्न हो चुका है तथा वर्तमान में भी सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है. उक्त एसटीपी आज तक पीएचईडी विभाग की संपत्ति है और इसे विधिवत नगर निगम रीवा को हस्तांतरित नहीं किया गया है. नियमों के अनुसार विभाग की जिम्मेदारी है कि परियोजना को पूर्ण रूप से चालू अवस्था में नगर निगम को सौंपा जाए. जो भी एसटीपी पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें 7 दिवस के भीतर चालू कर जनता को लाभान्वित किया जाए. साथ ही सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सडक़ों की मरम्मत निर्धारित मानकों के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए.महापौर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से 7 दिवस के भीतर की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु निगम आयुक्त को पत्र लिखा है.
